डिफॉल्टर मिलरों पर अब भी 40 करोड़ रुपये बकाया
Updated at : 13 Dec 2016 5:47 AM (IST)
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एकंगरसराय में एक परिमादी मिलर को लिया गया हिरासत में बिहारशरीफ : बकायेदार परिमादी मिलरों पर करोड़ों रुपये का बकाया है. इन मिलरों से रुपये वसूल करने में विभाग को ठंड में भी पसीना बहाना पड़ रहा है. जिले के 35 से ऊपर परिमादी मिलरों पर 40 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है. हालांकि […]
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एकंगरसराय में एक परिमादी मिलर को लिया गया हिरासत में
बिहारशरीफ : बकायेदार परिमादी मिलरों पर करोड़ों रुपये का बकाया है. इन मिलरों से रुपये वसूल करने में विभाग को ठंड में भी पसीना बहाना पड़ रहा है. जिले के 35 से ऊपर परिमादी मिलरों पर 40 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है. हालांकि जिला प्रशासन के द्वारा भी कार्रवाई की जा रही है. सोमवार को जिले के एकंगरसराय से एक परिमादी मिलर को पकड़ने में विभाग को सफलता मिला है. वरीय डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश कुमार ने बताया कि शंकर मिल के मालिक राजेश्ववर प्रसाद पर 76 लाख का बकाया है. उस केस भी चल रहा है. अब तक पैसा नहीं जमा करने पर कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है. इसी प्रकार कई और परिमादी मिलरों पर कार्रवाई तेजी से की जा रही है. कोई भी बकायेदार मिलर बच नहीं सकते हैं. मिलरों से अब तक छह करोड रुपये की वसूली की गयी है. बकायेदार मिलरों पर कार्रवाई से लोगों में हड़कंप मचा है. सभी बकायेदार मिलरों पर वर्ष 2012-14 वित्तीय साल के रुपये बकाया है.
क्या है मामला है : कुछ साल पहले तक धान खरीद के बाद प्रशासन के द्वारा राइस मिलरों को अनुबंध किये जाने का प्रावधान था. इसके तहत विभाग के द्वारा मिलरों को अनुबंधित किया जाता है. धान लिये जाने के बाद दर्जनों मिलरों ने न तो धान ही लौटाया नहीं चावल को जमा किया. ऐसे मिलरों के द्वारा 40 करोड़ से अधिक की राशि का चावल गटक गया. बताया जाता है. इस खेल में विभाग के कर्मी की भी मिली भगत होने की बात कही जा रही है. मिल मालिक के साथ-साथ एजीएम भी शामिल है. हालांकि कई एजीएम पर भी विभाग के द्वारा कार्रवाई चल रही है. यह भी चर्चा है कि नियमों को ताक पर रखकर मिलरों को चावल दे दिया गया था. यही कारण है कम क्षमता से अधिक धान कुटने के लिए दे दिया गया था.साथ ही जितने रुपये की सुरक्षा मनी विभाग के पास जमा किया गया था उसे कई गुणा अधिक धान दे दिया गया था.
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