तीन माह से बंद है निवाला

Updated at : 26 Jun 2016 4:08 AM (IST)
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तीन माह से बंद है निवाला

आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को नहीं मिल रहा भोजन जिले में 2609 हैं केन्द्र, प्रत्येक केन्द्र पर 40 बच्चे नामांकित कुपोषण से कैसे मुक्त होंगे नौनिहाल बिहारशरीफ : जहां एक ओर नन्हे को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने व कुपोषण से बचाव के लिए सरकार ने ठोस व्यवस्था जरूर कर रखी है. छह साल […]

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आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को नहीं मिल रहा भोजन

जिले में 2609 हैं केन्द्र, प्रत्येक केन्द्र पर 40 बच्चे नामांकित
कुपोषण से कैसे मुक्त होंगे नौनिहाल
बिहारशरीफ : जहां एक ओर नन्हे को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने व कुपोषण से बचाव के लिए सरकार ने ठोस व्यवस्था जरूर कर रखी है. छह साल तक के बच्चों को शिक्षा देने के लिए गांव, कस्बों व टोलों तथा मोहल्लों में आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था की है. इसी उद्देश्य के तहत जिले में 2609 आंगनबाड़ी केंद्र जिले में संचालित हैं. जहां इन केंद्रों पर बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ भोजन की भी व्यवस्था है. परंतु पिछले तीन माह से आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को पूरक पोषाहार नहीं मिल पा रहा है. इस तरह बच्चे कुपोषण से कैसे मुक्त होंगे.
गर्भवती मां और धात्री महिलाओं को पोषाहार नहीं : गर्भवती व धात्री महिलाओं को भी तीन माह से टीएचआर नहीं मिल पा रहा है. हर महिला को तीन किलो चावल ,एक किलो दाल दी जाती है. ये सभी सामाग्री आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेविकाओं की ओर से दी जाती है. एक हजार की आबादी पर एक आंगनबाड़ी केंद्र खोले गये हैं. टीचआर के बंद रहने से गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार नहीं मिल पा रहा है. ऐसे लोगों को इन दिनों काफी परेशानी उठानी पड़ रही है.
बच्चों की उपस्थिति पर प्रतिकूल असर : पूरक पोषाहार नहीं मिलने से केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. मालूम हो कि जिले के हर आंगनबाड़ी केंद्र पर 40-40 बच्चे नामांकित होते हैं. इन बच्चों को दोपहर में पोषाहार देने की व्यवस्था है. लेकिन आवंटन के अभाव में बच्चों को निवाला नहीं मिल पा रहा है. नन्हें लोग पढ़ाई करने के बाद घरों में जाकर पेट की ज्वाला मिटाने को विवश हो रहे हैं. सुबह में नास्ता घर से घर के आते हैं. इन बच्चों के मन में बराबर छुट्टी मिलने का इंतजार रहता है. स्कूल से छुट्टी मिलते ही बच्चे घरों की ओर दौड़ जाते हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
राशि आवंटन नहीं होने के कारण केंद्रों पर पोषाहार बच्चों को नहीं मिल पा रहा है. नये नियम के अनुसार अब सेविकाओं के खाते पर पोषाहार की राशि भेजी जायेगी. खाते विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है. अगले माह से राशि उपलब्ध होने की संभावना है.
गायत्री कुमारी, डीपीओ, आईसीडीएस, नालंदा
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