जांच रिपोर्ट पर इलाज . दलित व महादलित टोलों में होगी मरीजों की पहचान

Updated at : 03 Jun 2016 4:55 AM (IST)
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जांच रिपोर्ट पर इलाज  . दलित व महादलित टोलों में होगी मरीजों की पहचान

बलगम के नमूने लिए जायेंगे जांच के लिए बिहारशरीफ : जिले में टीबी रोग की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाया गया है. नये रोगियों की पहचान के लिए जिले के दलित एवं महादलित टोलों में शिविर लगाए जायेंगे. शिविर में आने वाले महादलित परिवारों के बलगम के नमूने संग्रह किये जाएंगे.संग्रहित बलगम के नमूनों […]

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बलगम के नमूने लिए जायेंगे जांच के लिए

बिहारशरीफ : जिले में टीबी रोग की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाया गया है. नये रोगियों की पहचान के लिए जिले के दलित एवं महादलित टोलों में शिविर लगाए जायेंगे. शिविर में आने वाले महादलित परिवारों के बलगम के नमूने संग्रह किये जाएंगे.संग्रहित बलगम के नमूनों की जांच जिला यक्ष्मा केंद्र में माइको स्कोपिंग मशीन से की जायेगी. अगर जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आयी तो संबंधित लोगों की चिकित्सा तुरंत शुरू कर दी जायेगी.
आशा व एसटीएस करेंगे शिविर का प्रचार
महादलित व दलित टोलों में लगाये जाने वाले जांच शिविर की सफलता की जिम्मेवारी संबंधित क्षेत्र के एटीएस व आशा कार्यकर्ताओं को दी गयी है. शिविर लगने की सूचना उक्त लोग टोलों के लोगों को पूर्व में देने का काम करेंगे. ताकि निर्धारित तिथि पर लगने वाले शिविरों में टोलों के लोग बलगम जांच के लिए आ सके.
शिविर में आने वाले प्रत्येक सदस्य की बलगम जांच के लिए नमूने टीबी लैब तकनीशियन संग्रह करेंगे. शिविर में नमूने संग्रह करने के लिए प्रयोगशाला प्रावैधिकी मौजूद रहेंगे. सरकार की इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला यक्ष्मा केंद्र के अधिकारी तैयारी शुरू कर दी है. शिविर आयोजित करने के लिए प्रखंडवार तिथि निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू की गयी है. निर्धारित तिथि के अनुसार ही महादलित व दलित टोलों में जांच शिविर लगाये जायेंगे.
प्रत्येक प्रखंड के महादलित व दलित टोलों में लगेंगे शिविर
जिले के हर प्रखंड के महादलित व दलित टोलों में टीबी जांच कैंप लगाये जायेंगे. जिले में बीस प्रखंड हैं. इन प्रखंडों के महादलित व दलित टोलों में शिविर लगाने के लिए स्थल चयन की कार्रवाई करने की जिम्मेवारी संबंधित क्षेत्र के एसटीएस को दी गयी है.चालू माह के प्रथम सप्ताह से ही यह कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. यह कार्यक्रम जून के पूरे महीने चलाया जाएगा.
इस कार्यक्रम की सफलता के लिए टीबीडीसी के चीफ मेडिकल अफसर डाॅ जेपी सुकुमार मंगलवार को जिला यक्ष्मा केंद्र आकर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डाॅ रविंद्र कुमार के साथ बैठकर रणनीति बनायी थी. टीबीडीसी के चीफ मेडिकल अफसर डाॅ सुकुमार ने जिला यक्ष्मा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि महादलित व दलित टोलों में टीबी जांच कैंप लगाने की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करें. ताकि कार्ययोजना को जिले में पूरी तरह से मूर्तरूप दिया जा सके.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिले के महादलित व दलित टोलों में टीबी जांच के लिए कैंप लगाने की दिशा में पहल शुरू कर दी गयी है. इसके लिए तिथि निर्धारित करने का निर्देश जिला यक्ष्मा पदाधिकारी को दिया गया है. इसी सप्ताह से टोलों में कैंप शुरू होने की पूरी संभावना है. जांच रिपोर्ट में टीबी बीमारी की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों का पंजीयन कर तुरंत चिकित्सा सेवा एवं दवा दी जाएगी.
डाॅ सुबोध प्रसाद सिंह, सिविल सर्जन ,नालंदा
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