नालंदा में होगा 250 एकड़ का जैविक सर्टिफिकेशन

Updated at : 10 Jan 2018 4:18 AM (IST)
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नालंदा में होगा 250 एकड़ का जैविक सर्टिफिकेशन

जैविक सर्टिफिकेशन के लिए नालंदा के जुनैदी का चयन जैविक सर्टिफिकेशन के लिए नालंदा के 11 गांवों के 112 किसानों का हुआ चयन बिहारशरीफ : सूबे में जैविक सर्टिफिकेशन के लिए नालंदा जिला के जुनैदी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी का चयन किया गया है. जुनैदी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी को नाबार्ड द्वारा वित्तीय सहयोग प्रदान किया जा […]

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जैविक सर्टिफिकेशन के लिए नालंदा के जुनैदी का चयन

जैविक सर्टिफिकेशन के लिए नालंदा के 11 गांवों के 112 किसानों का हुआ चयन
बिहारशरीफ : सूबे में जैविक सर्टिफिकेशन के लिए नालंदा जिला के जुनैदी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी का चयन किया गया है. जुनैदी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी को नाबार्ड द्वारा वित्तीय सहयोग प्रदान किया जा रहा है एवं क्षितिज एग्रोटेक द्वारा उसे प्रमोट किया जा रहा है. जिले के लिए खुशी की बात यह है कि बिहार के तीन जिलों नालंदा, पटना व समस्तीपुर का चयन जैविक सर्टिफिकेशन के लिए किया गया है. नालंदा में 250 एकड़ भूमि का जैविक सर्टिफिकेशन किया जा रहा है. इसमें 11 गांवों के 112 किसानों का चयन किया गया है. ये सभी किसान जैविक खेती करने के लिए तैयार हैं.
इन सभी किसानों का रजिस्ट्रेशन बिहार ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी मीठापुर, पटना द्वारा किया जायेगा. इस जैविक सर्टिफिकेशन में सबसे बड़ी बात यह है कि अगर किसान स्वयं अपने स्तर से सर्टिफिकेशन करायेंगे तो उन्हें करीब 40 से 45 हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे, मगर बिहार सरकार द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नि:शुल्क जैविक सर्टिफिकेशन किया जायेगा. प्राथमिकता के तौर पर सर्वप्रथम नालंदा के जुनैदी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी का चयन किया गया है. इसमें ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी किसी भी सिंगल किसान का जैविक सर्टिफिकेशन नहीं करेगा.
उन्हीं किसानों का सर्टिफिकेशन होगा जो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, को-ऑपरेटिव व सोसाइटी एक्ट के तहत निबंधित होंगे.
दो हजार एकड़ का ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन
प्रथम चरण में दो हजार एकड़ भूमि का ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन किया जा रहा है. इसमें इनपुट सब्सिडी के रूप में प्रति किसानों को प्रति एकड़ छह हजार रुपये दिये जायेंगे. सब्सिडी की राशि किसानों के बैंक खाते में जायेगी. किसान कार्ड के माध्यम से किसान इनपुट की खरीदारी करेंगे. इनपुट में जैव उर्वरक, वर्मी कंपोस्ट, जैव कीटनाशक आदि शामिल हैं. ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन में यह प्राथमिकता दी गयी है कि जो किसान इससे जुड़ेंगे, उन्हें वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन किसानों को स्वयं करना होगा.
नालंदा के लिए खुशी की बात है कि सूबे के तीन जिलों को जैविक सर्टिफिकेशन के लिए चयन किया गया है, जिसमें नालंदा भी शामिल है. नालंदा के जुनैदी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी को जैविक सर्टिफिकेशन के लिए चयन किया गया है. जिले में 250 एकड़ में 11 गांवों के 112 किसानों का चयन हुआ है.
सुनील कुमार, एमडी, क्षितिज एग्रोटेक, नेहुसा, नालंदा
जैविक उत्पाद की सरकार करेगी मार्केटिंग की व्यवस्था
जैविक उत्पादों की मार्केटिंग की व्यवस्था सरकार द्वारा की जायेगी. क्षितिज एग्रोटेक द्वारा भी किसानों के उत्पाद की मार्केटिंग की व्यवस्था होगी. जुनैदी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के उत्पाद की मार्केटिंग के लिए पटना में बाजार उपलब्ध कराया जायेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह सपना कि ‘देश की हर थाली में बिहार के उत्पाद हों’ को पूरा करने में मदद मिलेगी.
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