बैंक डकैती: अखबार और चाबी से खुल सकता है डकैती का राज

Updated at : 14 Oct 2017 1:23 PM (IST)
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बैंक डकैती: अखबार और चाबी से खुल सकता है डकैती का राज

बैंक की कमजोर सुरक्षा प्रणाली का फायदा बैंक डकैती से जुड़े पेशेवर अपराधी उठाने से बाज नहीं आते हैं. ऐसे अपराधियों के पास तकनीकी ज्ञान का भंडार होता है. वह कंप्यूटर फ्रेंडली भी होते हैं.उन्हें सीसीटीवी व उसके हार्ड डिस्क की पूरी जानकारी होती है. वर्ष 2015 के नवंबर माह में नालंदा जिले के सोहसराय […]

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बैंक की कमजोर सुरक्षा प्रणाली का फायदा बैंक डकैती से जुड़े पेशेवर अपराधी उठाने से बाज नहीं आते हैं. ऐसे अपराधियों के पास तकनीकी ज्ञान का भंडार होता है. वह कंप्यूटर फ्रेंडली भी होते हैं.उन्हें सीसीटीवी व उसके हार्ड डिस्क की पूरी जानकारी होती है. वर्ष 2015 के नवंबर माह में नालंदा जिले के सोहसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत बाजार में स्थित केनरा बैंक में सुबह के 11 बजे के आसपास भीषण डकैती की घटना घटी थी. अपराधियों ने बैंक से बगैर गोली व बम चलाये 43 लाख रुपये लूट लिये थे. लूट की पूरी प्लानिंग पटना के मीठापुर बस स्टैंड के होटल में तैयार की गयी थी.
शेखपुरा. इंडियन बैंक डकैती की घटना के बाद देर रात्रि जब स्पेशल फॉरेंसिक टीम साथ जुटाने में लगी थी. तभी टीम को बैंक के अंदर एक समाचार पत्र और ताला चाबी भी बरामद हुआ. दोनों चीजों के बारे में बैंक कर्मी ने अपराधियों के द्वारा लाकर यहीं छोड़ने का दावा किया है. इस मौके पर जांच करने पहुंचे डीआइजी विकास वैभव के समक्ष कर्मियों ने ताला चाबी और न्यूज पेपर की जानकारी दी. तब पुलिस ताला चाबी के जरिये जहां फिंगरप्रिंट लेने किस दिशा में कार्रवाई करते दिखे. वहीं संबंधित एडिशन की पहचान करने की दिशा में भी अखबार लेकर छानबीन कर रहे थे. इधर पटना से आये स्पेशल फॉरेंसिक टीम ने पूरे ब्रांच के अंदर छानबीन कर पांच तरह के फिंगरप्रिंट विभिन्न स्थानों से उठाये. जिसमें दो फिंगरप्रिंट लॉकर से लिया गया. जबकि तीन फिंगरप्रिंट सीसीटीवी के हार्ड डिस्क के समक्ष कंप्यूटर सेट से लिया गया. रात्रि करीब 8:30 बजे तक फॉरेंसिक टीम ने लगातार पांच घंटे की छानबीन के बाद बैंक कर्मियों का भी फिंगरप्रिंट लिया.
बैंक की सुरक्षा बागडोर 12 बजे के बाद
बिहारशरीफ. नालंदा में पिछले सात वर्षों में तीन बैंक डकैती की घटनाएं घटी है. डकैती की तमाम वारदातें सुबह के 11 बजे के आसपास घटी. बैंक डकैती के उक्त सभी वारदातों में लाखों रुपये अपराधी लूट ले गये. हालांकि कुछ एक मामलों में पुलिस को कोई विशेष सफलता हाथ नहीं लगी, लेकिन बैंक डकैती के चार मामलों का पर्दाफाश करने में नालंदा पुलिस कामयाब रही. बैंक डकैती से संबंधित मामलों की जांच करने वाली एक जांच एजेंसी ने बताया कि बैंक रॉबरी की प्लानिंग में अपराधी सुबह के 11 बजे के वक्त को महत्वपूर्ण मानते हैं. बैंक सुरक्षा की बागडोर संबंधित थाना पुलिस तो 12 बजे के बाद संभालती है.

बैंक की कमजोर सुरक्षा प्रणाली का फायदा बैंक लूट से जुड़े पेशेवर अपराधी उठाने से बाज नहीं आते हैं. ऐसे अपराधियों के पास तकनीकी ज्ञान का भंडार होता है. वह कंप्यूटर फ्रेंडली भी होते हैं.उन्हें सीसीटीवी व उसके हार्ड डिस्क की पूरी जानकारी होती है. वर्ष 2015 के नवंबर माह में नालंदा जिले के सोहसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत बाजार में स्थित केनरा बैंक में सुबह के 11 बजे के आसपास भीषण डकैती की घटना घटी थी. अपराधियों ने बैंक से बगैर गोली व बम चलाये 43 लाख रुपये लूट लिये थे. लूट की पूरी प्लानिंग पटना के मीठापुर बस स्टैंड के होटल में तैयार की गयी थी. घटना के पांच महीने बाद इस मामले के मास्टर माइंड शिव प्रसाद बिंद को बिहार थाना क्षेत्र के नालंदा कॉलेज के पास से पकड़ा था. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बिंद को धर दबोचा. मामले के अन्य आरोपित शैलेंद्र सिंह को चिकसौरा थाना क्षेत्र के बनबारा गांव से गिरफ्तार किया गया .पुलिस की पूछताछ के दौरान शिव प्रसाद बिंद ने बताया की इस बैंक डकैती में कुल सात लोग शामिल थे.

बैंक डकैती @01 05 नवंबर 2011
इसी तारीख को हथियारबंद अपराधियों ने चंडी थाना क्षेत्र के बाजार स्थित नालंदा कोऑपरेटिव सेंट्रल बैंक में भीषण डकैती की घटना को अंजाम देते हुए बैंक लॉकर में रखे 3.36 लाख रुपये की लूट कर ली थी. घटना रात के वक्त बैंक का ताला काट कर किया गया था. बैंक से भागने से पूर्व अपराधी वहां लगे सीसीटीवी कैमरे व उसका हार्ड डिस्क भी निकाल कर अपने पास लेकर चले गये थे.यह वही दिन था जब हथियारबंद अपराधियों ने नालंदा जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र के बौरीडीह गांव में स्थित मध्य बिहार ग्रामीण बैंक से 3.38 लाख रुपये की लूट करते हुए वहां के बैंक मित्र भोला प्रसाद को गोली मार गंभीर रूप से घायल कर दिया था.स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से एक अपराधी पकड़ा गया था.
बैंक लूट की यह वारदात सुबह के 11 बजे के आसपास ही घटी.बैंक लूट की इस वारदात में गया जिले के दो अपराधियों की गिरफ्तारी की गयी थी.नालंदा पुलिस अपने आधुनिक उपकरणों की मदद से वारदात में संलिप्त अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित की थी.
बैंक डकैती @ 03 27 नवंबर 2015
बैंक लूट के सभी रेकार्ड को ध्वस्त करते हुए हथियारबंद अपराधियों ने शहर के सोहसराय थाना क्षेत्र के बाजार अंतर्गत स्थित केनरा बैंक में एक भीषण बैंक लूट की घटना को अंजाम देते हुए वहां से 43.77 लाख की लूट कर ली थी. इस वारदात को भी बैंक खुलते के साथ अंजाम दे डाला गया था.
कैश वैन डकैती @04 27 फरवरी 2017
बाइक सवार अपराधियों ने उक्त तिथि को शहर के सोहसराय थाना क्षेत्र के 17 नंबर के पास फ्लिप कार्ड के दफ्तर के पास से एक कैश वैन से 40 लाख रूपये की लूट कर ली थी.मौके पर ही कैश वैन के गार्ड व मुंशी की हत्या गोली मार कर दी गयी थी.कैश वैन लूट की यह वारदात का वक्त भी सुबह के 11 बजे के आसपास का था.नालंदा पुलिस ने इस मामले में वारदात में संलिप्त दो अपराधियों को लूट के रकम के साथ घटना के तीन सप्ताह के बाद ही गिरफ्तार कर लिया था.
बैंक डकैतों का रिकार्ड रखती है सीआइडी
सीआइडी ने बैंक डकैती में शामिल गिरोहों को दबोचने के लिए सभी जिलों से डिटेल रिपोर्ट मांगी है. इसमें सभी जिलों को अपने-अपने यहां हुई डकैती की घटनाओं के बारे में वस्तिृत जानकारी देनी है. कब-कब कौन सी घटनाएं हुई, घटनाओं का मोडस-ऑपरेंडी क्या रहा है, इन घटनाओं में कितने लोगों की अब तक गिरफ्तारी हुई है, जिनकी गिरफ्तारी हुई उनमें कितने जेल में बंद हैं और कितने बाहर हैं, बेल पर छूटकर आने के बाद ये अपराधी क्या कर रहे हैं, इनकी वर्तमान स्थिति क्या है, इस तरह के अन्य सभी सवालों के सेट के आधार पर रिपोर्ट तैयार करके सभी जिलों के भेजनी है. किस घटनाओं में कितनी लूट हुई थी, घटना स्थल कहां और क्या था. इन बातों का भी उल्लेख करना है.
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