जिले के जैविक उत्पाद की अब विदेशों में भी की जायेगी बिक्री

Updated at : 13 Sep 2017 4:47 AM (IST)
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जिले के जैविक उत्पाद की अब विदेशों में भी की जायेगी बिक्री

पहल. बिहार राज्य बीज निगम जैविक उत्पादों का करेगा सर्टिफिकेशन पटना से नालंदा तक बनने वाले जैविक कॉरिडोर को लेकर किसानों को दिया जायेगा प्रशिक्षण बिहारशरीफ : अब जिले के जैविक उत्पादों की बिक्री न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी होगी. जैविक खेती प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत पटना जिले के दनियावां से नालंदा […]

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पहल. बिहार राज्य बीज निगम जैविक उत्पादों का करेगा सर्टिफिकेशन

पटना से नालंदा तक बनने वाले जैविक कॉरिडोर को लेकर किसानों को दिया जायेगा प्रशिक्षण
बिहारशरीफ : अब जिले के जैविक उत्पादों की बिक्री न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी होगी. जैविक खेती प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत पटना जिले के दनियावां से नालंदा जिले के बिहारशरीफ तक बनने वाले कॉरिडोर से जिले के जैविक खेती करने वाले किसानों में नयी ऊर्जा का संचार हुआ है. जिले के जैविक उत्पादों का सर्टिफिकेशन बिहार राज्य बीज निगम द्वारा किया जायेगा. इस संबंध में किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए सिलाव प्रखंड की जुनैदी फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी के सदस्यों को बुधवार को प्रशिक्षण दिया जायेगा.
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार बीज निगम के डायरेक्टर वेंकटेश नारायण सिंह, नाबार्ड के जीएम शाहा जी, नबार्ड के डीडीएम संजय कुमार चौधरी, डीएओ अशोक कुमार, सहायक निदेशक उद्यान संजय कुमार व क्षितिज एग्रो टेक के प्रतिनिधि शामिल होंगे. नाबार्ड द्वारा क्षितिज एग्रो टेक को इंलीमेंट एजेंसी नियुक्त किया गया है. जुनैदी गांव में प्रशिक्षण की व्यवस्था क्षितिज एग्रो टेक द्वारा की गयी है. प्रशिक्षण के दौरान जुनैदी गांव के किसानों को जैविक खेती करने के तरीके, जैविक उत्पादों के लिए सर्टिफिकेशन की शर्त, सर्टिफिकेशन का महत्व आदि की जानकारी दी जायेगी. जैविक खेती में वर्मी कंपोस्ट, जैव उर्वरक व जैन कीटनाशी का उपयोग किया जाता है. जैविक खेती में रासायनिक उर्वरक व कीटनाशी का प्रयोग पूरी तरह वर्जित है.
तीन स्तरीय होगा सर्टिफिकेशन : जैविक उत्पादों का सर्टिफिकेशन तीन स्तरीय होगा. पहले वर्ष में जैविक उत्पादों का सर्टिफिकेशन प्रथम स्तरीय होगा. दूसरे वर्ष का जैविक उत्पाद का सर्टिफिकेशन द्वितीय स्तरीय होगा, जबकि तीसरे वर्ष के जैविक उत्पादों का सर्टिफिकेेशन तृतीय स्तर का होगा. तृतीय स्तरीय सर्टिफिकेशन मिलने के बाद उत्पाद पूरी तरह जैविक होगा.
जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए होगा प्रचार-प्रसार : जिले के जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए उसका प्रचार-प्रसार क्षितिज एग्रो टेक, नेहुसा नाबार्ड एवं बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा. साथ ही इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जायेगी.
पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत गांवों का चयन : पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत किसानों के प्रशिक्षण के लिए गांवों का चयन किया जायेगा. प्रथम चरण में जुनैदी, नगरनौसा, अंधना व एकंगरसराय का चयन किया गया है.
दनियावां से बिहारशरीफ तक होगी जैविक खेती : जैविक कॉरिडोर के तहत पटना जिले के दनियावां से लेकर नालंदा के बिहारशरीफ तक सड़क के दोनों ओर जैविक खेती होगी. इस रास्ते से गुजरने वाले पर्यटकों व आम लोगों के लिए यह जैविक कॉरिडोर मनमोहक होगा. विभाग द्वारा इस संबंध में जरूरी पहल की जा रही है.
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