मरीजों का इलाज हुआ आसान

Updated at : 04 Sep 2017 9:51 AM (IST)
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मरीजों का इलाज हुआ आसान

बिहारशरीफ : टीबी के रोगियों को बाहरी दुकानों से भी दवा मुफ्त में अब मिल सकेगी. दवा क्रय के लिए उन्हें अपनी जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी. दवा के लिए इसकी चिंता रोगियों को नहीं करनी होगी. रोगियों को सहज रूप से जीवनरक्षक दवा उपलब्ध हो जायेगी. इस प्रकार मरीजों का इलाज पहले से और […]

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बिहारशरीफ : टीबी के रोगियों को बाहरी दुकानों से भी दवा मुफ्त में अब मिल सकेगी. दवा क्रय के लिए उन्हें अपनी जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी. दवा के लिए इसकी चिंता रोगियों को नहीं करनी होगी. रोगियों को सहज रूप से जीवनरक्षक दवा उपलब्ध हो जायेगी. इस प्रकार मरीजों का इलाज पहले से और भी आसान हो गया है. वैसे भी अस्पताल की ओर से ही अभी भी जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध करायी जा रही है.
परंतु खुशी इस बात की है कि रोगी निजी अस्पताल में भी इलाज कराते हैं और शहर की दुकानों से दवा लेनी चाहते हैं तो सहज रूप से उन्हें दवा प्राप्त हो जायेगी. इसकी व्यवस्था सरकार व स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही है.
टीबी के हर कैटोगेरी के रोगी होंगे लाभान्वित :सरकार की ओर से टीबी के रोगियों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठायी गयी है.सरकार की इस नयी व्यवस्था से यक्ष्मा के हर कैटोगेरी के रोगी लाभान्वित होंगे. चाहे वह यक्ष्मा के मल्टी ड्रग रजिडैंट (एमडीआर) हो या सामान्य टीबी के रोगी सभी लाभान्वित होंगे.
वैसे तो टीबी के एमडीआर रोग बहुत ही गंभीर है. इससे पीड़ित मरीजों का यदि समय पर इलाज नहीं हुआ तो आसपास के स्वस्थ लोगों को भी मरीज संक्रमित कर सकते हैं. यानी कि इलाज के अभाव में एक साल के दौरान 10-15 स्वस्थ लोगों को मरीज चपेट में ले सकते हैं. इस रोग पर पूरी तरह से काबू पाने के उद्देश्य से यह नयी ठोस व्यवस्था की गयी है.
दुकानों के चयन के लिए औषधि निरीक्षकों को दी गयी जिम्मेदारी
सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह से अमल में लाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा है.सरकार के इस पत्र प्राप्त होने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सजग हो गया है.सरकार के इस आदेश को अक्षरश: पालन करने में विभागीय अधिकारी जुट गये हैं.
ताकि मरीजों को सरकार की इस नई योजना का लाभ समय पर मिल सके.सरकार के इस आदेश की प्रति जिला यक्ष्मा विभाग के अधिकारी को उपलब्ध करा दी गयी है.सिविल सर्जन ने इस व्यवस्था को पूरी तरह से लागू करने को डीटीओ को कहा है.जिला यक्ष्मा पदाधिकारी ने इस बाबत जिले के औषधि निरीक्षकों को पत्र देकर दुकानदारों की सूची उपलब्ध कराने को कहा है.उपलब्ध सूची के मुताबिक संबंधित दुकानदारों के पास दवा उपलब्ध होगी.
शहर में 15 दुकानों पर मिलेगी मुफ्त दवा: विभाग की योजना के मुताबिक शहर के 15 दुकानों पर टीबी की दवा सहज रूप से उपलब्ध होगी.इन चयनित दुकानों पर जिला यक्ष्मा विभाग की ओर से दवा आपूर्ति करायी जाएगी.
संबंधित दुकानों पर जाकर रोगी डॉक्टरों की पर्ची दिखाकर दवा उठा सकते हैं.दवा लेने के एवज में उन्हें कोई राशि नहीं देनी पड़ेगी.यानी की जरूरत के अनुसार दवा लेंगे.इसी तरह अनुमंडलीय स्तर पर पांच-पांच दुकानें उपलब्ध होंगी.यानी की हिलसा व राजगीर अनुमंडल क्षेत्र में ये पांच दुकानें होंगी.इस क्षेत्र के रोगी यहीं से दवा ले सकते हैं.यदि सभी कुछ ठीक-ठाक रहा तो यह सुविधा निकट भविष्य में मरीजों को मिलनी शुरू हो जाएगी.
क्या कहते हैं अधिकारी
सरकार की इस कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाने की दिशा में पहल शुरू कर दी गयी है.औषधि निरीक्षकों से दुकानों की सूची मांगी गयी है.सूची उपलच्ध हो जाने पर संबंधित दुकानों में दवा उपलब्ध करा दी जाएगी.संबंधित दुकानों से मरीज नि:शुल्क दवा लेंगे.दवा दुकानों की निगरानी की जिम्मेवारी संबंधित औषधि निरीक्षकों की होगी.जिला स्तरीय अधिकारी भी इसकी मॉनिटरिंग समय-समय पर करेंगे.
डॉ रवींद्र कुमार,डीटीओ,नालंदा
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