फर्जी कागजात के साथ तीन धराये
Updated at : 13 Aug 2017 4:50 AM (IST)
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कार्रवाई. बेरोजगारों को पतंजलि में नौकरी दिलाने वाले गैंग का खुलासा बिहार सहित दूसरे राज्यों के ठगों से जुड़े हैं तार लाखों रुपये की कर चुका है ठगी बिहारशरीफ : बेरोजगार युवक- युवतियों को पतंजलि कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले एक बड़े गैंग का नालंदा पुलिस ने खुलासा […]
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कार्रवाई. बेरोजगारों को पतंजलि में नौकरी दिलाने वाले गैंग का खुलासा
बिहार सहित दूसरे राज्यों के ठगों से जुड़े हैं तार
लाखों रुपये की कर चुका है ठगी
बिहारशरीफ : बेरोजगार युवक- युवतियों को पतंजलि कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले एक बड़े गैंग का नालंदा पुलिस ने खुलासा किया है. गैंग में बिहार के अलावे देश के विभिन्न जिलों के शातिर ठगों की संलिप्तता की बात नालंदा पुलिस के संज्ञान में आया है. नालंदा पुलिस ने फौरी कार्रवाई करते हुए गैंग में शामिल तीन शातिर ठगों को नगर थाना क्षेत्र के बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार युवकों में जमुई जिले के चकाई थाना क्षेत्र के चकाई गांव निवासी दिपेश कुमार, नगर थाना क्षेत्र के उपरौरा गांव निवासी विकास व सोनू शामिल है. गिरफ्तार ठगों के पास से पुलिस ने तलाशी के दौरान पतंजलि कंपनी के कई फर्जी कागजात, मुहर व योगदान पत्र बरामद किया है. शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बिहारशरीफ एसडीपीओ निशित प्रिया ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुगलसराय की रहने वाली कुछ लड़कियों द्वारा नालंदा पुलिस से टेलीफोन पर संपर्क कर उक्त फर्जीवाड़े की जानकारी दी गयी.
लड़कियों ने पुलिस को बताया कि नालंदा जिले के बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन के पास पतंजलि कंपनी में नौकरी दिलाने वाला एक गैंग सक्रिय है. रेलवे स्टेशन के पास पुलिस एक नाटकीय तरीके से तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी में नगर इंस्पेक्टर उदय कुमार की मुख्य भूमिका रही.
ऐसे करते थे ठगी: पतंजलि में फर्जी नौकरी दिलाने वाला यह गैंग देश के विभिन्न ट्रेनों व बसों में स्टीकर चसपाया करता था. स्टीकर में बगैर साक्षात्कार के बहाली की बात बतायी जाती थी. स्टीकर में हेल्पर,स्टोर कीपर,सुपरवाईजर व सहायक शाखा प्रबंधक की बहाली की जानकारी बड़े वेतनमान के साथ दिखाया जाता था. स्टीकर में दर्ज टेलीफोन नंबर पर संपर्क करने वाले युवक व युवतियों को बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन आकर बात करने की बात कही जाती थी. नौकरी की मंशा पाले यहां पहुंचने वाले बेरोजगारों से गैंग में शामिल शातिरों द्वारा कंपनी में प्रशिक्षण दिलाने के नाम पर तीन से चार हजार रुपये वसूल लिये जाते थे. इतना ही नहीं एक माह के भीतर उनके स्थायी पते पर डाक के माध्यम से नियुक्ति पत्र तक भेज दिया जाता था. प्रारंभिक जांच में बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी की बात सामने आया है.
गैंग का मास्टर माइंड पटना का है रहने वाला
गैंग का मास्टर माइंड पटना का रहने वाला है. उक्त बातों का खुलासा गिरफ्तार तीनों ठगों द्वारा पुलिस के समक्ष किया गया है. गिरफ्तार युवकों ने बताया कि गैंग द्वारा इस कार्य को पिछले पांच माह से किया जा रहा था. प्रेसवार्ता के दौरान एसडीपीओ ने बताया कि पटना में रहने वाले गैंग के मास्टर माइंड के संबंध में पुलिस को कई तरह की विशेष जानकारी मिली है.उसकी गिरफ्तारी को लेकर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया है.गैंग में बिहार के अलावे देश के कई राज्यों के लोगों के शामिल होने की बात सामने आयी है.नालंदा पुलिस इस संबंध में सूबे व देश के दूसरे राज्यों की पुलिस से भी मदद लेगी.
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