जिले के स्कूलों में स्थापित होंगे अटल टिंकरिंग लैब
Updated at : 11 Jul 2017 6:47 AM (IST)
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केंद्र सरकार के नीति आयोग करेगा हर लैब पर 20 लाख रुपये खर्च किताबी ज्ञान के साथ यहां बच्चे सीखेंगे वैज्ञानिक तकनीक बिहारशरीफ : छात्र-छात्राओं में औजार व उपकरणों के उपयोग की समझ व साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग व गणित विषयों में उनके रचनात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में अटल टिंकरिंग लेबोरेट्रिज की […]
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केंद्र सरकार के नीति आयोग करेगा हर लैब पर 20 लाख रुपये खर्च
किताबी ज्ञान के साथ यहां बच्चे सीखेंगे वैज्ञानिक तकनीक
बिहारशरीफ : छात्र-छात्राओं में औजार व उपकरणों के उपयोग की समझ व साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग व गणित विषयों में उनके रचनात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में अटल टिंकरिंग लेबोरेट्रिज की स्थापना की जायेगी. बिहार माध्यमिक शिक्षा परिषद के परियोजना निदेशक के सेंथिल कुमार द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी नालंदा को पत्र भेजकर लेबोरेट्रिज की स्थापना के लिए स्कूलों से आवेदन जमा कराने का निर्देश दिया गया है. भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा पूरे देश में इस योजना की शुरुआत की गई है. योजना के तहत वर्ग छठी से 12 वीं कक्षा तक के विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लेबोरेट्री की स्थापना की जानी है. प्रत्येक लेबोरेट्री पर केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा 20 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे.
जबकि शेष दस लाख रुपये स्थापना के पांच वर्ष बाद तक इसके संचालन पर खर्च किये जायेंगे. नीति आयोग द्वारा इस योजना के लिए विद्यालयों से ऑन लाइन आवेदन मांगे गये हैं. ऑन लाइन आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई है.
योजना का उद्देश्य:योजना का प्रमुख उद्देश्य है स्कूलों में अध्ययनरत छात्र छात्राओं में किताबी ज्ञान के साथ विज्ञान तथा गणित जैसे विषयों का व्यवहारिक ज्ञान देकर उनमें रचनात्मक, गुणात्मक एवं वैज्ञानिक सोच का विकास करना. विद्यार्थियों में शुरू से ही विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित आदि के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए उन्हें उत्प्रेरित करना. विद्यार्थी इन प्रयोगशालाओं में व्यवहारिक तौर पर ज्ञान अर्जन करेंगे. समय समय पर श्रेत्रीय एवं राष्ट्रीयस्तर पर वे नवाचार प्रदर्शन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर सम्मानित भी होंगे.
किन स्कूलों में स्थापित होंगे अटल टिंकरिंग लैब:
अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने के लिए स्कूलों के पास 1500 वर्ग फीट अलग से भूमि होनी चाहिए. इसके साथ स्कूलों में छात्र शिक्षकों की उपस्थिति कम से कम 75 फीसदी होना भी अनिवार्य हैं. स्कूलों में ढांचागत सुविधाएं जैसे कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी, प्लेग्राउंड आदि की भी सुविधा हो. ऐसा विद्यालय नीति आयोग में निर्धारित तिथि तक ऑन लाइन आवेदन कर सकते हैं.
अटल टिंकरिंग लैब की विशेषता
जिले के सरकारी विद्यालयों में आज भी सुसज्जित प्रयोगशालाओं का अभाव है. कहीं प्रयोगशाला कक्ष नहीं तो कहीं उपकरण तथा सामग्री नदारद हैं. ऐसे में अटल लैब विद्यार्थियों के वैज्ञानिक उत्सुकताओं को शांत करने तथा वैज्ञानिक सोच पैदा करने में मददगार साबित होगा. अटल लैब में आईआर सेंसर, थ्रीडी प्रिंटर्स, अल्ट्रासोनिक सेंसर, रोबोटिक्स, माइक्रो कंट्रोलर बोर्ड, कंप्यूटर, साइंस तथा इलेक्ट्रोनिक्स के कई उपकरण स्थापित किये जायेंगे. इससे बच्चों में वैज्ञानिक सोच का विकास होगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना के लिए जिले के स्कूलों को जानकारी देकर उन्हें आवेदन देने के लिए उत्प्रेरित किया जा रहा है. सुविधा संपन्न विद्यालयों का ऑन लाइन आवेदन भी जमा कराया जा रहा है.
डाॅ विमल ठाकुर, डीइओ, नालंदा
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