गरमी से बेहाल लोगों को मिली राहत
Updated at : 08 Jun 2017 1:30 AM (IST)
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खुशी. मौसम का बदला मिजाज, किसानों के खिले चेहरे, कुछ दिनों तक बारिश के आसार बारिश होने से खेतों में आयी नमी जून माह में अब तक हुई 5.76 एमएम बारिश जिले में 1.28लाख हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य बिहारशरीफ/नालंदा : पिछले कुछ दिनों से 42 और 43 डिग्री सेल्सियस तापमान का दंश […]
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खुशी. मौसम का बदला मिजाज, किसानों के खिले चेहरे, कुछ दिनों तक बारिश के आसार
बारिश होने से खेतों में आयी नमी
जून माह में अब तक हुई 5.76 एमएम बारिश
जिले में 1.28लाख हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य
बिहारशरीफ/नालंदा : पिछले कुछ दिनों से 42 और 43 डिग्री सेल्सियस तापमान का दंश झेल रहे जिले के लोगों को मौसम के बदले मिजाज से राहत मिली है. मंगलवार बुधवार को आसमान में घने बादल छाये रहने व छिटपुट बारिश होने से जहां आम लोगों को गरमी से राहत मिली है, वहीं धान के बिचड़ा बोने के लिए बारिश की आस लगाये बैठे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. बुधवार को झमाझम बारिश हुई. धान के बिचड़े बोने का समय है. ऐसे में किसान बारिश होने की आस लगाये बैठे थे.
जिले में राजकीय नलकूपों से सिंचाई की व्यवस्था चरमरायी हुई है. डीजल अनुदान का लाभ भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है. बारिश होने से किसानों ने राहत की सांस ली है. खेतों में कमी होने से जहां किसान अपने खेतों में बिचड़े बोने के लिए तैयार रहेंगे. बिचड़े डालने का काम भी शुरू कर सकेंगे. बारिश होने से गरमी से बेहाल लोगों को बड़ी राहत मिली है.
आम लोग ठंडी हवाओं में चैन की नींद ले रहे हैं. इस बारिश ने नगर निगम की मुश्किलों को अवश्य बढ़ा दिया है. गली-मोहल्लों में नालियों के बंद रहने से जलजमाव की स्थिति भी पैदा हो गयी है. इसको देखते हुए नगर निगम के कर्मियों ने युद्ध स्तर पर नाली उड़ाही का कार्य शुरू कर दिया है. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज रहने की संभावना है.
रोहिणी नक्षत्र में पांच फीसदी हुई बिचड़े की बुआई
बिहारशरीफ. रोहिणी नक्षत्र बीतने को है. खरीफ फसल के तहत धान की खेती करने के लिए अमूमन तौर पर किसान इसी नक्षत्र से खेतों में धान के बिचड़े बोने का काम शुरू करते हैं. अब तक इस नक्षत्र में जिलेभर में महज पांच फीसदी ही धान के बिचड़े की बुआई हो सकी है.लेकिन इस नक्षत्र में कमोबेश बारिश होने से किसानों में आस जगी है. बुधवार को भी जिले में बारिश हुई. बारिश होने से खेतों में नमी आयी है. लिहाजा खेतों में बिचड़े बोने के काम में तेजी आने की संभावना है. गुरुवार से मृगशिरा नक्षत्र का आगमन शुरू हो जायेगा.
29.8 की जगह 5.76 हुई बारिश
जून माह में औसतन 127.7 मिली मीटर बारिश होनी चाहिए. चालू माह के सात जून तक जिलेभर में 29.8 एमएम बारिश होनी चाहिए थी. लेकिन मात्र 5.76 मिलीमीटर ही बारिश ही हो सकी. इस तरह सात जून तक औसतन से 80.76 एमएम बारिश कम हुई है. जून की शुरुआती समय में अब तक औसतन बारिश कम रिकार्ड दर्ज की गयी है.बारिश होने पर धान के बिचड़े बोने में किसान लग गये हैं. जिला कृषि विभाग के अधिकारी का मानना है कि अगले सप्ताह तक बिचड़े बोने के काम में तेजी आ जाने की संभावना है.बारिश होने से खेतों में नमी से भूमि की जुताई करने में किसानों को काफी सहूलियत होगी.
जिले में 12 हजार 800 हेक्टेयर में बिचड़े बोने का है लक्ष्य
चालू वित्तीय वर्ष में खरीफ फसल के तहत नालंदा जिले में एक लाख 28 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की खेती करने का जिला कृषि विभाग का लक्ष्य है.
इसकी खेती करने के लिए 12 हजार 800 हेक्टेयर में धान के बिचड़े बोने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.खरीफ फसल के तहत धान की खेती करने के लिए प्रखंड वार लक्ष्य भी तय कर दिया गया है.लक्ष्य के अनुरूप खेती हो इसके लिए जिला कृषि विभाग की ओर से किसानों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराये जा रहे हैं.इसकी खरीदारी पर सरकार व विभाग के नियमानुसार अनुदान भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं.12800 बिचड़े बोने की शुरुआती दौर में जिलेभर में पांच फीसदी बिचड़े की बुआई सात जून तक हो सकी है.
किसान अच्छी बारिश होने की उम्मीद लगाये बैठे हैं. जिला कृषि पदाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि किसानों को धान की अच्छी फसल उपजाने के लिए विभाग की ओर से सब्सिडी पर धान के बीज उपलब्ध कराये जा रहे हैं.जैसे-जैसे बारिश होगी वैसे-वैसे बिचड़े बोने के काम में तेजी आयेगी.किसानों को प्रशिक्षित करने की भी कार्य योजना बनायी गयी है. ताकि किसान भाई आधुनिक तरीके से खेती कर धान की अधिक उपज प्राप्त कर सकें.
हल्की बारिश से कीचड़मय हुई सड़कें: बिहारशरीफ. हल्की बारिश के बाद ही सड़क कीचड़मय हो गयी. लिहाजा इस रास्ते आने जाने में लोगों फजीहत उठानी पड़ रही है. बुधवार को हुई बारिश के बाद जिले के हिलसा अनुमंडल मुख्यालय स्थित अस्पताल मार्ग पर जलजमाव हो गया है. इस रास्ते से खोरमपुर, देवनगर, गांधी नगर, सरस्वती नगर समेत आधा दर्जन मोहल्ले के लोग आते जाते हैं. साथ ही इसी मार्ग से अनुमंडलीय अस्पताल में मरीज भी आते जाते हैं.
लेकिन इस मार्ग का अब तक पक्कीकरण नहीं किया गया है. इतना ही नहीं हिलसा रेलवे स्टेशन, विस्कुबा आदि मोहल्ले के लोगों का आने जाने का मुख्य रास्ता है. लेकिन वार्ड संख्या पांच का सदस्य इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है. वार्ड पार्षद का आवास भी इसी मोहल्ले में स्थित है. बारिश होने के बाद सड़क पूरी तरह से कीचड़मय हो गई.
वाहन तो क्या पैदल चलना लोगों को मुश्किल हो गई. अभी तो मौसम की शुरुआती बारिश है. बरसात होने पर लोगों को और भी फजीहत उठानी पड़ेगी. वहीं बेन प्रखंड मुख्यालय स्थित थाना परिसर, प्रखंड कार्यालय व अन्य सरकारी कार्यालय के आगे हल्की बारिश से कीचड़मय हो गई. इन मार्गों में कीचड़ व गिली मिट्टी से वाहन का चक्का जाम हो जाता है.
गिली मिट्टी के पैदल चलने वाले लोगों को भी फजीहत होता है. बताया जाता है कि बेन प्रखंड मुख्यालय के बाजार की स्थिति हल्की बारिश से कीचड़मय हो जाता है.
जिससे छात्रों के साथ आम लोगों को आने जाने में परेशानी होती है.
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