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अंत:करण के निर्मल होने पर निर्जला एकादशी का पुण्य

Updated at : 06 Jun 2025 6:56 PM (IST)
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अंत:करण के निर्मल होने पर निर्जला एकादशी का पुण्य

अंत:करण के निर्मल होने पर निर्जला एकादशी का पुण्य

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कमलेश्वर मंदिर में भागवत कथा का आयोजन फोटो माधव उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर गोला रोड स्थित बाबा कमलेश्वर नाथ शिव मंदिर में निर्जला एकादशी पर शुक्रवार को भागवत कथा का आयोजन किया गया. व्यास पीठ से बाल संत पीयूष गिरि महाराज ने कथा सुनायी. कहा कि बिना अंतःकरण के निर्मल हुए निर्जला एकादशी का पुण्य नहीं मिलता. उन्होंने एकादशी महारानी की उत्पत्ति से लेकर ज्येष्ठ निर्जला एकादशी तक की संपूर्ण कथा का विस्तार से वर्णन किया. पीयूष गिरी ने कहा कि श्रद्धापूर्वक तीन दिन का नियम लेकर जब एकादशी व्रत किया जाता है, तभी उसका वास्तविक पुण्य प्राप्त होता है. कथा के दौरान गंगा दशहरा के प्रसंग में गंगा मैया की उत्पत्ति की रोचक कथा भी श्रोताओं को सुनायी. कथावाचक ने उद्धव व विदुर की भेंट का प्रसंग सुनाया. कथा में संगीतमय भजनों पर श्रोतागण झूमते रहे और भक्ति भाव में लीन रहे. अगली कथा देवशयनी एकादशी के अवसर पर रविवार को होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Vinay Kumar

लेखक के बारे में

By Vinay Kumar

I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.

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