'विकसित भारत जी राम जी योजना' शुरू: मनरेगा का 20 करोड़ का बकाया भुगतान होते ही शुरू होगा नया काम

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मनरेगा के बकाए भुगतान को मिला 20 करोड, अब होगा जी राम जी योजना का काम

'विकसित भारत जी राम जी योजना' शुरू: मनरेगा का 20 करोड़ का बकाया भुगतान होते ही शुरू होगा नया काम

मुजफ्फरपुर के मजदूरों के लिए खुशखबरी! 'विकसित भारत जी राम जी योजना' के तहत अब 100 की जगह 125 दिन का गारंटीकृत रोजगार मिलेगा. विभाग ने 20 करोड़ की राशि स्वीकृत की है, जिससे मनरेगा का बकाया भुगतान जल्द होगा और नई योजनाओं को गति मिलेगी.

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Muzaffarpur Employment Scheme: जिले में ''विकसित भारत जी राम जी योजना'' का औपचारिक आगाज तो हो चुका है, लेकिन फिलहाल इससे मजदूरों को काम मिलने में थोड़ा वक्त लग रहा है. विभाग की ओर से जारी ताजा गाइडलाइन के मुताबिक, सबसे पहले मनरेगा के तहत लंबित बकाया मजदूरी का भुगतान किया जाएगा. इसके बाद ही नई योजना के तहत काम का आवंटन शुरू होगा. ग्रामीण विकास विभाग ने इस रुकावट को दूर करते हुए जिले के लिए 20 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है. इस फंड के आते ही अब मजदूरों के बकाए का भुगतान तेजी से शुरू होगा, जिसके बाद नई योजनाओं को धरातल पर रफ्तार मिलेगी. 

अब 100 नहीं, मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, 3.76 लाख मजदूरों को फायदा

इस नई व्यवस्था के तहत मुजफ्फरपुर जिले के मजदूरों को रोजगार की बड़ी सौगात मिलने जा रही है. योजना के अंतर्गत अब मजदूरों को साल में 100 दिन के बजाय 125 दिन का गारंटीकृत रोजगार दिया जाएगा. इससे जिले के कुल 3.76 लाख पंजीकृत मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा. उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बकाए भुगतान की प्रक्रिया पूरी होते ही नई योजनाओं को अविलंब धरातल पर उतारा जाए और इनका बेहतर ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए.

प्राथमिकता के आधार पर होंगे ये 3 बड़े निर्माण कार्य

विभाग ने शुरुआती चरण के विकास कार्यों के लिए पूरा खाका तैयार कर लिया है. जिले में सबसे पहले महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण कराया जाएगा. इसमें स्थानीय व्यापार और किसानों को बाजार उपलब्ध कराने, ग्रामीण युवाओं व खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और जल संरक्षण व सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी गई है.

फर्जीवाड़ा रोकने को 56% मजदूरों का ई-केवाईसी पूरा, ऐप से बनेगी हाजिरी

बता दें कि जिले में कुल 3.76 लाख पंजीकृत मनरेगा मजदूर हैं, जिनमें से हालिया रिपोर्ट के अनुसार लगभग 56 प्रतिशत से अधिक मजदूरों का ई-केवाईसी पूरा कर लिया गया है. विभाग की ओर से शेष बचे मजदूरों के ई-केवाईसी का काम भी तेजी से पूरा कराया जा रहा है. ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद पंचायतों में एंड्रॉइड मोबाइल ऐप के जरिए आधार बेस्ड/बायोमेट्रिक (चेहरा व पहचान) हाजिरी बनाई जा रही है, ताकि फर्जीवाड़े को पूरी तरह रोका जा सके. यह ई-केवाईसी मजदूर खुद से नहीं कर सकते, इसके लिए उन्हें अपने पहचान पत्र और जॉब कार्ड के साथ पंचायत रोजगार सेवक या प्रखंड कार्यालय से संपर्क करना होगा.


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प्रभात कुमार

लेखक के बारे में

By प्रभात कुमार

प्रभात कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रभात का 18 वर्षों का अनुभव है. प्रशासनिक नीतियों के विश्लेषण, राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता में इनकी रुचि है. जटिल विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की इनमें क्षमता है.

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