चित्त की गहरी बुनावट का साक्षी उसके होने की आहट

The sound of its existence
दीपक 42 कविता फाउंडेशन ने किया केके चौधरी की पुस्तक का लोकार्पण उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर कलम बाग रोड स्थित कविता फाउंडेशन के तत्त्वावधान में कृष्ण कुमार चौधरी की काव्य पुस्तक, उसके होने की आहट का लोकार्पण किया गया. अध्यक्षता कर रहे डॉ महेंद्र मधुकर ने कहा कि कृष्ण, भावुक व संवेदनशील होने के साथ-साथ समय के साथ चलने वाले अथक यात्री की भांति हैं. यह संग्रह उनके चित्त की गहरी बुनावट का साक्षी है. मुख्य अतिथि डॉ रिपुसूदन प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि कवि प्रतिभा प्रेम पर आधारित होती है. केके चौधरी का प्रेम उनके अंत:स्थल में मुखरित हो रहा है और काव्य धारा बह रही है. इनका कवि रूप अत्यंत ही मोहक और प्रभावित करने वाला है. डॉ संजय पंकज ने भी विचार रखे. डॉ वंदना विजयलक्ष्मी ने कहा कि प्रेम को केंद्र में रखकर लिखी गयी इन कविताओं में एकांत मन की आकुलता भरी है. कृष्ण कुमार चौधरी ने कहा कि प्रेम ने मुझे मनुष्यता की भाषा दी है. मेरे आध्यात्मिक चरित्र को प्रेम ने सुव्यवस्थित व मजबूत किया है. मेरा लेखन मेरी बेचैनी भी है और शांति भी है. मौके पर भारत विकास परिषद की ओर से डॉ नवनीत शांडिल्य व सुधीर कुमार ने संयुक्त रूप से केके चौधरी का शाॅल और बुके से अभिनंदन किया.
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By Vinay Kumar
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