एमसीएच में रेफर का खेल, बिना जांच गर्भवतियों को एसकेएमसीएच भेजने का सिलसिला

Author Kumar dipu
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एमसीएच में रेफर का खेल, बिना जांच गर्भवतियों को एसकेएमसीएच भेजने का सिलसिला

The practice of sending pregnant women

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सितंबर में 676 भर्ती, 140 रेफर, सिविल सर्जन ने दिए जांच के आदेश वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल के मातृ-शिशु स्वास्थ्य केंद्र (एमसीएच) में गर्भवतियों को बेवजह रेफर करने का सिलसिला थम नहीं रहा. सुरक्षित प्रसव के निर्देशों को नजरअंदाज कर महिला डॉक्टर क्रिटिकल केस न होने पर भी मरीजों को श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज व अस्पताल भेज रही हैं. इससे डॉक्टरों को तनाव से राहत मिल रही है, लेकिन गर्भवतियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. ताजा मामला माडीपुर की एक गर्भवती का है, जिसे सोमवार रात भर्ती होने के बाद बिना जांच रेफर कर दिया गया. परिजनों ने सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार से शिकायत की है. सितंबर के आंकड़े चौंकाने वाले हैं. एमसीएच में 676 गर्भवती भर्ती हुईं, जिनमें से केवल 264 की डिलिवरी हुई, 140 को रेफर किया गया, और 88 के बारे में दावा है कि वे बिना बताए घर चली गईं. शेष 184 मरीजों का कोई रिकॉर्ड नहीं है. सूत्रों का कहना है कि डॉक्टर रिस्क से बचने के लिए रेफर कर रहे हैं, और अस्पताल के गेट पर निजी नर्सिंग होम की गाड़ियां मरीजों का इंतजार करती हैं. इससे मिलीभगत का शक गहरा रहा है. सिविल सर्जन ने कहा, “एमसीएच में सभी सुविधाएं हैं. बेवजह रेफर की जांच होगी, और दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई होगी.” जांच के बाद सच सामने आने की उम्मीद है, लेकिन गर्भवतियों की परेशानी ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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कुमार दीपू

लेखक के बारे में

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स्वास्थ्य, राजनीति, समाज और समसामयिक विषयों पर दीपू रिपोर्टिंग करते हैं. इन्हें पत्रकारिता में 16 साल का अनुभव है.

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