कागजों में 110% टीकाकरण, हकीकत में बीसीजी तक नहीं, सिविल सर्जन ने गठित की जांच टीम

Author Kumar dipu
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कागजों में 110% टीकाकरण, हकीकत में बीसीजी तक नहीं, सिविल सर्जन ने गठित की जांच टीम

The civil surgeon constituted an investigation team

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वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिले में बच्चों के टीकाकरण को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और मातृ-शिशु स्वास्थ्य केंद्रों (एमसीएच) की रिपोर्ट में 110% और कुछ जगह इससे भी अधिक टीकाकरण दिखाया गया है, जबकि हकीकत में कई नवजातों को जन्म के 24 घंटे के भीतर अनिवार्य बीसीजी टीका तक नहीं मिल रहा. इस गड़बड़ी पर सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने सख्ती दिखाते हुए जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एसके पांडे को जांच का जिम्मा सौंपा है. आंकड़ों पर उठे सवाल : जिले में जनवरी से अब तक की नियमित टीकाकरण रिपोर्ट में 110% टीकाकरण का दावा किया गया है. सवाल यह है कि जब 100% बच्चों का टीकाकरण हो चुका, तो अतिरिक्त 10% बच्चे कहां से आए? कुछ पीएचसी ने 100% तो कुछ ने 115% तक टीकाकरण की रिपोर्ट दी है. जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने इसकी जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है, जो उन प्रखंडों में जाकर आंकड़ों की सत्यता परखेगी, जहां 100% से अधिक टीकाकरण दिखाया गया है. क्या बोले जिम्मेदार? डॉ. एसके पांडे ने बताया कि टीकाकरण की ड्यू लिस्ट में शामिल बच्चों को गिनने के कारण आंकड़े बढ़े हो सकते हैं. हालांकि, सटीक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी. सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद लापरवाही के जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी.

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कुमार दीपू

लेखक के बारे में

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स्वास्थ्य, राजनीति, समाज और समसामयिक विषयों पर दीपू रिपोर्टिंग करते हैं. इन्हें पत्रकारिता में 16 साल का अनुभव है.

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