SKMCH से मरीजों को निजी अस्पताल भेजने का खेल? वायरल लिस्ट ने मचाई हलचल, पुलिस और प्रशासन जांच में जुटा

Author Sumit Kumar|Edited by Aaruni Thakur
Updated:
विज्ञापन
एसकेएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड से तीन निजी अस्पतालों में भेजे गए एक महीने में 52 मरीज

SKMCH से निजी अस्पताल में भेजने का फोटो

उत्तर बिहार के बड़े सरकारी अस्पताल एसकेएमसीएच पर गंभीर आरोप लगे हैं. मरीजों को इमरजेंसी से निजी अस्पतालों में भेजने की एक वायरल सूची ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है.

विज्ञापन

SKMCH News: उत्तर बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसकेएमसीएच (SKMCH) के इमरजेंसी वार्ड से मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजे जाने के आरोपों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर एक कथित सूची वायरल होने के बाद पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.

यह भी पढ़ें: 21 साल से वही स्वाद… मुजफ्फरपुर के इस समोसे के लिए आज भी दूर-दूर से पहुंचते हैं लोग

वायरल सूची में क्या दावा किया गया?

सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित सूची में दावा किया गया है कि जून महीने के दौरान सड़क दुर्घटना में घायल 52 गंभीर मरीजों को एसकेएमसीएच से तीन निजी अस्पतालों में भेजा गया. सूची में कुछ निजी एंबुलेंस चालकों के नाम भी दर्ज बताए जा रहे हैं.

सूची में यह भी दावा किया गया है कि कई मरीजों को इमरजेंसी में पांच रुपये का पंजीकरण कराने के तुरंत बाद या चिकित्सक द्वारा भर्ती की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही निजी अस्पताल ले जाया गया.

इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और इन्हीं बिंदुओं की जांच की जा रही है.

जांच के दायरे में एंबुलेंस चालक और अन्य पहलू

वायरल सूची में एसकेएमसीएच ओपी से जुड़े एक निजी चालक का भी नाम होने का दावा किया गया है. इसी आधार पर उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है.

प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कथित सूची किसने तैयार की, उसमें दर्ज जानकारी कितनी सही है और मरीजों को किन परिस्थितियों में निजी अस्पतालों तक पहुंचाया गया.

सीसीटीवी और मरीजों का रिकॉर्ड खंगाल रही टीम

सूत्रों के अनुसार, जांच के तहत इमरजेंसी वार्ड के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की समीक्षा की जा रही है. साथ ही वायरल सूची में दर्ज मरीजों का अस्पताल रिकॉर्ड भी मिलाया जा रहा है.

यदि जांच में यह सामने आता है कि मरीजों या उनके परिजनों की इच्छा के विरुद्ध उन्हें निजी अस्पताल भेजा गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

अस्पताल में उपलब्ध हैं आपातकालीन सुविधाएं

एसकेएमसीएच में 24 घंटे सर्जन, ऑर्थोपेडिक और फिजिशियन चिकित्सकों की ड्यूटी रहती है. अस्पताल में आईसीयू, वेंटिलेटर और आपातकालीन ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध है. जरूरत पड़ने पर न्यूरोसर्जन, ईएनटी और नेत्र रोग विशेषज्ञों को भी बुलाया जाता है.

इसी कारण वायरल सूची के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि यदि सरकारी अस्पताल में उपचार की व्यवस्था उपलब्ध थी, तो मरीजों को निजी अस्पताल क्यों भेजा गया.

पुलिस ने क्या कहा?

नगर-2 एसडीपीओ विनीता सिन्हा ने बताया कि वायरल सूची की जानकारी मिली है और इसकी जांच कराई जा रही है.

उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि सूची किसने तैयार की, उसमें दर्ज मरीज वास्तव में कहां गए और उपलब्ध रिकॉर्ड क्या बताते हैं. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

यह भी पढ़ें: पहले शादी का झांसा, फिर कोर्ट मैरिज... अब 5 लाख दहेज नहीं देने पर घर से निकालने का आरोप


विज्ञापन
Sumit Kumar

लेखक के बारे में

By Sumit Kumar

सुमित पत्रकारिता में पिछले 4 वर्षों से सक्रिय। प्रभात खबर के प्रिंट मीडिया के साथ काम करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम से जुड़े हुए हैं। क्राइम, हाईपरलोकल, स्वास्थ्य विभाग व राजनीतिक रिपोर्टिंग में विशेष रुचि और अनुभव रखते हैं। क्षेत्रीय मुद्दों और जनसरोकार की खबरों को सशक्त तरीके से उठाने के लिए जाने जाते हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन