घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा गया राजस्व कर्मचारी, अब खाएंगे जेल की हवा

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घूस लेते पकड़ा गया राजस्व अधिकारी (सांकेतिक, AI जेनरेटेड)

निगरानी टीम ने 19 मई 2014 को पांच हजार रुपये रिश्वत के साथ राजस्व कर्मचारी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था. अब विशेष कोर्ट निगरानी उत्तर बिहार ने मामले में चार साल कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.

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मुजफ्फरपुर क्राइम: निगरानी के हत्थे चढ़े मधुबनी जिले के रहिका अंचल के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी नारायण जी झा को विशेष कोर्ट निगरानी उत्तर बिहार ने चार साल कारावास की सजा सुनाई है. विशेष न्यायाधीश दशरथ मिश्रा ने दोषी ठहराते हुए उन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. मामला जमाबंदी रद्दीकरण से जुड़ी जांच रिपोर्ट के बदले पांच हजार रुपये रिश्वत मांगने और लेने का है.

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नारायण जी झा मूल रूप से मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के पंचरूखी गांव के निवासी बताए गए हैं. इस मामले में विशेष लोक अभियोजक कृष्णदेव साह ने अदालत में नौ गवाहों को पेश किया.

जमाबंदी रद्दीकरण के मामले में मांगी थी रिश्वत

मधुबनी के सुढ़ी हाई स्कूल के समीप रहने वाले व्यापारी सुजीत कुमार ने निगरानी थाना में इस संबंध में मामला दर्ज कराया था. शिकायत के अनुसार, उन्होंने जमाबंदी रद्दीकरण का एक मामला अपर समाहर्ता, मधुबनी के यहां दायर किया था.

मामले की सुनवाई के दौरान अपर समाहर्ता ने अंचलाधिकारी से जांच प्रतिवेदन मांगा था. शिकायतकर्ता के अनुसार, अंचल कार्यालय से समय पर जांच प्रतिवेदन नहीं भेजा गया. इसके बाद वह मामले की जानकारी लेने के लिए संबंधित कार्यालय पहुंचे.

निजी कार्यालय में बुलाकर मांगे 5 हजार रुपये

शिकायतकर्ता के आरोप के अनुसार, इस दौरान उनकी मुलाकात राजस्व कर्मचारी नारायण जी झा से हुई. राजस्व कर्मचारी ने उन्हें अपने निजी कार्यालय में मिलने के लिए बुलाया.

वहां कथित तौर पर कहा गया कि जांच प्रतिवेदन सीओ को उन्हीं के माध्यम से दिया जाएगा. इसके बदले पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई. इसके बाद व्यापारी सुजीत कुमार ने मामले की शिकायत निगरानी विभाग से की.

19 मई 2014 को रिश्वत के साथ हुई थी गिरफ्तारी

निगरानी विभाग ने शिकायत की जांच कराई, जिसमें मामला सही पाया गया. इसके बाद ट्रैप टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई.

आरोप के अनुसार, 19 मई 2014 की सुबह करीब 11:15 बजे शिकायतकर्ता राजस्व कर्मचारी के निजी कार्यालय पहुंचे और पांच हजार रुपये उनकी ऊपरी बाईं जेब में रख दिए. शिकायतकर्ता के इशारे पर पहले से तैनात निगरानी टीम ने छापेमारी कर आरोपी राजस्व कर्मचारी को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया था.

नौ गवाहों की गवाही के बाद सुनाई सजा

मामले की सुनवाई विशेष कोर्ट निगरानी उत्तर बिहार में हुई. विशेष लोक अभियोजक कृष्णदेव साह की ओर से अदालत में नौ गवाहों को पेश किया गया.

साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी राजस्व कर्मचारी को चार साल कारावास की सजा सुनाई. इसके साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

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