बुखार से पीड़ित बच्चों की बढ़ती संख्या पर बढ़ी चिंता

लोग आशंका जता रहे हैं कि उनके बच्चे इन्सेफलाइटिस (एइएस) से प्रभावित हो सकते हैं.
वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर.
बच्चों के तेज बुखार से पीड़ित होने की खबरों ने परिजनों की चिंता बढ़ा दी है. लोग आशंका जता रहे हैं कि उनके बच्चे इन्सेफलाइटिस (एइएस) से प्रभावित हो सकते हैं. सदर अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में हर रोज चार से छह बच्चे तेज बुखार के साथ पहुंच रहे हैं.विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले हफ्ते में एइएस या जापानी इन्सेफलाइटिस (जेई) के लक्षणों वाले किसी बच्चे का मामला सामने नहीं आया है. ओपीडी में आने वाले अधिकांश बच्चे बुखार और खांसी से पीड़ित हैं, जिन्हें दवाई देकर उचित सलाह दी जा रही है. रोजाना ओपीडी में 12-13 सौ नए मरीजों का पर्चा बनाया जाता है. सोमवार को 1300 पर्चे बनाए गए, 101 एक्स-रे और 335 प्रकार की जांचें की गईं.
सदर अस्पताल में इलाज कराने आए राजकुमार ने बताया कि वे अपने 13 वर्षीय पुत्र अरुण और 10 वर्षीय पुत्री सलोनी को बुखार के कारण अस्पताल लाए हैं. पिछले एक हफ्ते से वे स्थानीय डॉक्टर से बुखार की दवाई ले रहे थे. उन्होंने बताया कि चमकी बुखार से कोई भी बच्चा भर्ती नहीं है और वार्ड में मच्छरदानी सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
जांच में जेई और एइएस की पुष्टि नहीं हुई है. सामान्य वार्ड में वायरल फीवर से पीड़ित बच्चे जैसे सूर्यांश, मनोज का तीन वर्षीय पुत्र अर्पित, और राम लखन की पांच वर्षीय पुत्री अनन्या भर्ती हैं. एक अन्य मरीज, जाबिर हुसैन, ने बताया कि उनकी डेढ़ वर्षीय पुत्री आमना तीन दिन से बुखार से पीड़ित हैं, लेकिन उन्हें एइएस से मुक्त बताया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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