स्मार्ट शहरों में तीसरे स्थान पर फिसला मुजफ्फरपुर, राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार

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स्मार्ट शहरों में तीसरे स्थान पर फिसला मुजफ्फरपुर, राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार

Muzaffarpur slipped to third place

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स्वच्छ सर्वेक्षण 2024

::: 388 रैंक मिला था 2023 में, इस बार राष्ट्रीय स्तर पर मिला है 78वां रैंक

::: शहर को साफ-सुथरा रखने में मुजफ्फरपुर से काफी अच्छा काम कर रहा है गयाजी एवं भागलपुर नगर निगम, राष्ट्रीय स्तर पर जारी रैंकिंग से सच्चाई का चला पता

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

पहली बार रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकिल थीम पर आधारित स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के परिणाम गुरुवार को घोषित कर दिये गये हैं. राजधानी पटना को छोड़कर बिहार के चार प्रमुख स्मार्ट शहरों मुजफ्फरपुर, गयाजी, भागलपुर और बिहार शरीफ की इस बार राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग में काफी सुधार हुआ है. इन चारों शहरों में गयाजी ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली 27 वां स्थान और राज्य स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है. इसके बाद भागलपुर है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर 64 वां स्थान और राज्य स्तर पर तीसरा स्थान मिला है. हालांकि, मुजफ्फरपुर इन चारों शहरों में तीसरे पायदान पर फिसल गया है, इसे राष्ट्रीय स्तर पर 78 वां स्थान और राज्य स्तर पर 09वां स्थान मिला है. राज्य रैंकिंग में गिरावट के बावजूद, मुजफ्फरपुर का राष्ट्रीय प्रदर्शन पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है; 2023 में इसकी राष्ट्रीय रैंक 388 थी. यह उल्लेखनीय है कि 2023 में मुजफ्फरपुर राजधानी पटना के बाद बिहार में दूसरे नंबर का शहर था. वहीं, स्मार्ट सिटी बिहारशरीफ को राष्ट्रीय स्तर पर 80वां स्थान और राज्य स्तर पर 11वां स्थान मिला है.

बॉक्स ::: किस वर्ष कितना था मुजफ्फरपुर की रैंकिंग

वर्ष 2017 – 304वर्ष 2018 – 348वर्ष 2019 – 387वर्ष 2020 – 299वर्ष 2021 – 250वर्ष 2022 – 247वर्ष 2023 – 388

संसाधनों में वृद्धि के बावजूद राज्य रैंकिंग में गिरावट पर उठे सवाल

सफाई से जुड़े संसाधनों की बात करें तो पिछले पांच-सात सालों की तुलना में काफी बढ़ोतरी हुई है. पिछले कई सालों में रैकिंग में तेजी से सुधार हुआ था. लेकिन, इस बार अचानक राज्य स्तरीय रैंकिंग में मुजफ्फरपुर का पिछड़ना निगम की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. अत्याधुनिक मशीन से लेकर डेढ़ हजार से अधिक सफाई कर्मी प्रतिदिन काम करते हैं. साल में 50 करोड़ रुपये से अधिक की खर्च होती है. बावजूद, पिछले छह सालों की तुलना में काफी खराब रैंकिंग आया है. इससे कई तरह के सवाल उठने शुरू हो गये हैं. सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग में जुटे अधिकारियों की कार्यशैली पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहा है.

ओडीएफ प्लस का मिला रेंटिंग, कचरा मुक्त नहीं है अपना शहर

स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, मुजफ्फरपुर नगर निगम को ओडीएफ प्लस रेटिंग मिला है. कचरा मुक्त शहर के लिए शून्य स्टार मिला है. जबकि, गयाजी नगर निगम को ओडीएफ रेटिंग और कचरा मुक्त शहर के लिए 3 स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है. यह पहली बार है जब बिहार का कोई शहर 10 लाख की श्रेणी में शीर्ष 50 में गयाजी शामिल हुआ है. साथ ही, गयाजी ने राज्य में स्रोत पृथक्करण और अपशिष्ट प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी पहला स्थान प्राप्त किया है.

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देवेश कुमार

लेखक के बारे में

By देवेश कुमार

पत्रकारिता के क्षेत्र में देवेश को 17 वर्षों का अनुभव है. उच्च शिक्षा, जमीन रजिस्ट्री, नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी विकास जैसे विषयों पर इनका विशेष लेखन है. राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ खोजी पत्रकारिता और ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में ये सक्रिय हैं. तथ्यपरक, प्रभावी और जन सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग इनकी प्रमुख पहचान है.

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