मुजफ्फरपुर: पानापुर करियात थानाध्यक्ष ने FIR से गायब कर दी BNS की गंभीर धारा, DGP के आदेश पर SSP का तगड़ा एक्शन

Author Chandan|Edited by Sumit Kumar
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मुजफ्फरपुर में बड़ा खेल! पानापुर करियात थानाध्यक्ष ने FIR से गायब कर दी BNS की गंभीर धारा, DGP के आदेश पर SSP का तगड़ा एक्शन

FIR से गायब कर दी BNS की गंभीर धारा

मुजफ्फरपुर के पानापुर करियात थानाध्यक्ष सुचित्रा कुमारी को FIR से BNS की गंभीर धारा हटाने के आरोप में एसएसपी ने निलंबित कर दिया है। जानिए पूरा मामला।

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Removing BNS section: मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर करियात थाने की थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक (दरोगा) सुचित्रा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने यह बड़ी कार्रवाई अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) पश्चिमी-01 की जांच रिपोर्ट के आधार पर की है. निलंबन के साथ ही आरोपी महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है और उनसे स्पष्टीकरण की मांग भी की गई है.

जानिए क्या है पूरा मामला

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब एक केस के वादी (शिकायतकर्ता) ने पुलिस मुख्यालय में थानाध्यक्ष सुचित्रा कुमारी के संदिग्ध आचरण और कार्यशैली को लेकर एक लिखित आवेदन दिया था. वादी का आरोप था कि थानाध्यक्ष द्वारा दर्ज मामले में पक्षपात और हेरफेर किया जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने इस पर संज्ञान लिया. डीजीपी के निर्देश के बाद मुजफ्फरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पश्चिमी-01 को इस पूरे मामले की विस्तृत जांच करने का जिम्मा सौंपा गया था.


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जांच में हुई आरोप की पुष्टि

डीजीपी और एसएसपी के निर्देश पर जब अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पश्चिमी-01) ने मामले की गहराई से पड़ताल की, तो शिकायत को सही पाया गया. जांच अधिकारी द्वारा वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय को सौंपे गए जांच प्रतिवेदन (रिपोर्ट) में स्पष्ट रूप से यह तथ्य सामने आया कि पानापुर करियात थानाध्यक्ष सुचित्रा कुमारी द्वारा थाने में दर्ज एक कांड (केस) में सोची-समझी साजिश के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की एक अत्यंत गंभीर धारा को काट दिया गया था. इतना ही नहीं, धारा को हटाने के बाद उन्होंने वहां पर अपने लघु हस्ताक्षर (Short Signature) भी किए थे.

एसएसपी ने की बड़ी कार्रवाई

जांच रिपोर्ट में यह बात पूरी तरह साबित हो गई कि थानाध्यक्ष का यह कृत्य प्रथम दृष्टया उनके संदिग्ध आचरण और कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही का परिचायक है. किसी भी दर्ज प्राथमिकी से सक्षम वरीय अधिकारी की अनुमति के बिना इस प्रकार धारा को काटना सीधे तौर पर कानून और प्रक्रिया का उल्लंघन माना गया. इसके बाद, पुलिस महानिदेशक बिहार से प्राप्त निर्देशों और डीएसपी पश्चिमी-01 की जांच रिपोर्ट के आलोक में मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने शुक्रवार को त्वरित कार्रवाई करते हुए दरोगा सुचित्रा कुमारी को सस्पेंड कर दिया. इस कार्रवाई से मुजफ्फरपुर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. पुलिस विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, संदिग्ध आचरण या केस डायरी और प्राथमिकी के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. फिलहाल आरोपी दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


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