Muzaffarpur News: सेंट्रल जेल के मुक्ति बाजार के बाद अब खादी मॉल में भी बिखरेगी बंदियों के हुनर की खुशबू
Published by : SUMIT KUMAR Updated At : 13 Jun 2026 7:10 AM
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल के कैदियों द्वारा निर्मित शुद्ध मसाले, सत्तू और सरसों तेल अब शहर के खादी मॉल में भी मिलेंगे. जेल अधीक्षक यूसुफ रिजवान ने बताया कि बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके पुनर्वास के लिए यह खास स्टॉल शुरू किया गया है.पढ़ें पूरी खबर...
मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बंद कैदियों के हाथों से तैयार शुद्ध मसालों और सरसों तेल का स्वाद अब शहरवासी भी चख सकेंगे. जेल प्रशासन की इस अनोखी पहल के तहत शहर के खादी मॉल में एक विशेष स्टॉल खोला गया है. इस स्टॉल पर बंदियों द्वारा पूरी शुद्धता के साथ तैयार की गई हल्दी, धनिया, मिर्च पाउडर के अलावा कच्ची घानी का शुद्ध सरसों तेल, फिनाइल और कपड़े धोने का साबुन, जीरा, गोल मिर्च बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है. इतना ही नहीं, सेहत और स्वाद को ध्यान में रखते हुए शुद्ध चने का सत्तू और भुना हुआ भुजा भी स्टॉल पर सजाया गया है. जेल प्रशासन की मानें तो आने वाले कुछ ही दिनों में बंदियों द्वारा तैयार किए गए उच्च गुणवत्ता वाले लकड़ी के फर्नीचर आइटम भी यहां बिक्री के लिए उपलब्ध करा दिए जाएंगे. इस स्टॉल का विधिवत उद्घाटन जल्द ही जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन करेंगे.
684 बंदी अलग- अलग कारखाने में बहा रहे पसीना
सेंट्रल जेल में बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर उद्योग धंधे चलाए जा रहे हैं. वर्तमान में 684 से अधिक बंदी जेल परिसर के भीतर बने अलग-अलग कारखानों में दिन-रात काम कर रहे हैं. कोई मसाला पीसने की मशीन संभाल रहा है, तो कोई कच्ची घानी से तेल निकालने में जुटा है. कुछ बंदी साबुन-फिनाइल और सत्तू तैयार करने की यूनिट में काम कर रहे हैं. इसके अलावा फर्नीचर व कपड़ा उद्योग में भी बंदी लगे हुए है. उनके काम के बदले 2025 में एक करोड़ 20 लाख आठ हजार 521 रुपये की पारिश्रमिक भी दिया गया है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक मदद भी कर पा रहे हैं.
जेल के बाहर ”मुक्ति बाजार” को मिल रहा बंपर रिस्पॉन्स
खादी मॉल में स्टॉल खुलने से पहले, बंदियों द्वारा तैयार इन शुद्ध उत्पादों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए सेंट्रल जेल परिसर के मेन गेट के समीप मुक्ति बाजार का संचालन किया जा रहा है. मुक्ति बाजार को शहरवासियों का भरपूर प्यार मिल रहा है. शुद्धता की गारंटी के कारण सुबह से ही यहां खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है. इसी सफलता को देखते हुए अब खादी मॉल में भी स्टॉल लगाने का फैसला लिया गया है ताकि शहर के बीचों-बीच रहने वाले लोग भी आसानी से इन सामानों को खरीद सकें.
- सरसों तेल – 261 रुपये लीटर
- चना सत्तू 93, 54 रुपये का पाउच
- हल्दी पाउडर ,115, 65 रुपये का पाउच
- धनिया पाउडर , 78,47 रुपये का पाउच
- चना भूजा , 68, 42 रुपये का पाउच
- गोलकी पाउडर 260, 503 रुपये का पाउच
- मिर्चा पाउडर 104,71
बयान यूसुफ रिजवान सेंट्रल जेल अधीक्षक: जेल में बंदियों को हुनरमंद बनाकर उनके पुनर्वास के लिए यह प्रयास किया जा रहा है. हमारे कारखाने में तैयार उत्पाद पूरी तरह शुद्ध और केमिकल मुक्त होते हैं. मुक्ति बाजार की सफलता के बाद अब खादी मॉल में स्टॉल शुरू किया गया है ताकि शहरवासी आसानी से बंदियों के हुनर को देख सकें और शुद्ध सामान खरीद सकें. जल्द ही जिलाधिकारी इसका विधिवत उद्घाटन करेंगे. इससे होने वाली आय से बंदियों के कल्याण और कारखाने के विस्तार में मदद मिलेगी.
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By SUMIT KUMAR
सुमित पत्रकारिता में पिछले 4 वर्षों से सक्रिय। प्रभात खबर के प्रिंट मीडिया के साथ काम करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम से जुड़े हुए हैं। क्राइम, हाईपरलोकल, स्वास्थ्य विभाग व राजनीतिक रिपोर्टिंग में विशेष रुचि और अनुभव रखते हैं। क्षेत्रीय मुद्दों और जनसरोकार की खबरों को सशक्त तरीके से उठाने के लिए जाने जाते हैं।
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