14 साल बाद भी लाखों छात्र डिग्री के इंतजार में, BRABU के आंकड़ों ने चौंकाया

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय
BRABU डिग्री मिलने में हो रही भारी देरी से लाखों छात्र परेशान हैं। 2010 से 2014 के बीच स्नातक और पीजी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को अब तक डिग्री नहीं मिल पाई है। विश्वविद्यालय के आंकड़े चौंकाने वाले हैं, जहां लाखों डिग्रियां अभी भी लंबित हैं।
BRABU Degree Delay: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) से स्नातक और पीजी की पढ़ाई पूरी करने वाले लाखों छात्र आज भी अपनी डिग्री का इंतजार कर रहे हैं. विश्वविद्यालय से सामने आए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2010 से 2014 के बीच लगभग 8.50 लाख विद्यार्थी स्नातक और पीजी परीक्षा में सफल हुए, लेकिन अब तक केवल करीब 1.80 लाख छात्रों को ही डिग्री मिल सकी है.
लोकभवन की ओर से मांगे गए डाटा के जवाब में विश्वविद्यालय ने यह जानकारी उपलब्ध कराई है. आंकड़ों से स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में छात्र वर्षों बाद भी अपनी डिग्री हासिल नहीं कर सके हैं.
सिर्फ 1.11 लाख डिग्री हुई प्रिंट
विश्वविद्यालय के अनुसार इस अवधि में करीब 1.11 लाख डिग्री प्रिंट कराई गई हैं. इनमें भी बड़ी संख्या में डिग्रियां विश्वविद्यालय और विभिन्न कॉलेजों में पड़ी हुई हैं, जिन्हें संबंधित छात्र अब तक प्राप्त नहीं कर सके हैं.
विश्वविद्यालय अब स्नातक और पीजी के अलावा वोकेशनल, बीएड और अन्य पाठ्यक्रमों की डिग्रियों का भी अलग से डेटाबेस तैयार कर रहा है.
वोकेशनल छात्रों की स्थिति बेहतर
समीक्षा में यह भी सामने आया कि वोकेशनल कोर्स करने वाले 60 से 70 प्रतिशत विद्यार्थियों ने अपनी डिग्री प्राप्त कर ली है.
विश्वविद्यालय का मानना है कि इन पाठ्यक्रमों के छात्र पढ़ाई पूरी होते ही नौकरी या रोजगार की ओर बढ़ जाते हैं, इसलिए उन्हें डिग्री की तत्काल आवश्यकता होती है.
डिग्री के लिए दोहरी फीस का आरोप
डिग्री वितरण को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से कई शिकायतें की हैं.
छात्रों का कहना है कि पहले डिग्री के लिए 100 रुपये शुल्क लिया जाता था. उस समय आवेदन करने के बावजूद कई छात्रों की डिग्री तैयार नहीं हुई. अब जब वही छात्र पुरानी रसीद लेकर पहुंच रहे हैं, तो उनसे दोबारा ऑनलाइन शुल्क जमा करने को कहा जा रहा है.
कुछ छात्रों ने यह भी शिकायत की है कि अंतिम वर्ष की परीक्षा के दौरान ही डिग्री शुल्क ले लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद वर्षों बाद भी डिग्री उपलब्ध नहीं कराई गई.
कॉलेजों पर भी वसूली के आरोप
विश्वविद्यालय को यह शिकायतें भी लगातार मिल रही हैं कि कई कॉलेजों में डिग्री देने के नाम पर छात्रों से अतिरिक्त राशि मांगी जा रही है.
छात्रों का कहना है कि शुल्क जमा करने और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद डिग्री प्राप्त करना आज भी आसान नहीं है.
अब आगे क्या
विश्वविद्यालय विभिन्न पाठ्यक्रमों की डिग्रियों का पूरा डेटाबेस तैयार कर रहा है. इसके साथ ही लंबित डिग्रियों की स्थिति स्पष्ट करने और वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की कवायद जारी है. हालांकि लाखों छात्र अब भी अपनी डिग्री मिलने का इंतजार कर रहे हैं.
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