उद्घाटन के दूसरे दिन ही मरीन ड्राइव बना धोबी घाट, लेक फ्रंट पर सूखते मिले कपड़े

सिकंदरपुर लेक फ्रंट के बोर्ड के आगे सुखाया जा रहा कपड़ा
मुजफ्फरपुर में 213 करोड़ की लागत से बने सिकंदरपुर लेक फ्रंट (मरीन ड्राइव) का उद्घाटन के अगले दिन ही धोबी घाट जैसा हाल हो गया. परिसर में कई जगहों पर कपड़े सूखते मिले, जिससे परियोजना की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
Muzaffarpur News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 13 जुलाई को 213 करोड़ रुपये की लागत से विकसित सिकंदरपुर लेक फ्रंट (मरीन ड्राइव) का उद्घाटन किए जाने के महज एक दिन बाद ही वहां अव्यवस्था का दृश्य देखने को मिला. मंगलवार को लेक फ्रंट परिसर में कई स्थानों पर कपड़े सुखाए जाते दिखाई दिए, जिससे परियोजना के रखरखाव और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए थे, लेकिन अगले ही दिन परिसर की तस्वीर पूरी तरह बदली नजर आई.
लेक फ्रंट के बोर्ड के सामने भी सूखते मिले कपड़े
मौके की तस्वीरों में देखा गया कि लेक फ्रंट परिसर के विभिन्न हिस्सों में कपड़े फैलाए गए थे. यहां तक कि "मरीन ड्राइव लेक फ्रंट" के साइनबोर्ड के सामने भी कपड़े रखकर सुखाए जा रहे थे. इससे परिसर की सुंदरता प्रभावित होती दिखाई दी.
स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित इस परियोजना की नियमित निगरानी और रखरखाव जरूरी है, ताकि इसकी मूल पहचान और सौंदर्य बरकरार रह सके.
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