किशोरी के अपहरण मामले में संजीव कुमार को पांच साल की सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

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अपहरण मामले में दोषी को पांच वर्ष कारावास की सजा, 10 हजार रुपये का जुर्माना

किशोरी के अपहरण मामले में संजीव कुमार को पांच साल की सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

मुजफ्फरपुर में 17 वर्षीय किशोरी के अपहरण मामले में अदालत ने दोषी संजीव कुमार को पांच साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने ₹10,000 का जुर्माना भी लगाया है, जो पीड़ित को मिलेगा.

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 Muzaffarpur Kidnapping Case: करीब डेढ़ वर्ष पूर्व सकरा थाना क्षेत्र से एक 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी को अगवा करने के गंभीर मामले में अदालत का बड़ा फैसला आया है. विशेष कोर्ट पॉक्सो एक्ट संख्या-एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्रा की अदालत ने इस मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए दोषी संजीव कुमार को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है.

जुर्माना न देने पर भुगतनी होगी अतिरिक्त सजा

अदालत के आदेश के अनुसार, यदि दोषी संजीव कुमार द्वारा जुर्माने की राशि जमा नहीं की जाती है, तो उसे छह माह की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जुर्माने के रूप में वसूल की जाने वाली यह पूरी राशि पीड़ित किशोरी के पक्ष में जमा कराई जाएगी. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार ने विशेष कोर्ट के समक्ष चार महत्वपूर्ण गवाहों और घटना से जुड़े ठोस साक्ष्यों को पेश किया था, जिसके आधार पर दोष सिद्ध हुआ.

बहला-फुसलाकर किया गया था नाबालिग का अपहरण

घटना के संबंध में पीड़िता की मां ने 21 सितंबर 2024 को सकरा थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी. दर्ज मामले में उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री 21 सितंबर की रात्रि से अचानक लापता है. काफी खोजबीन और छानबीन करने के बाद परिजनों को पता चला कि आरोपित संजीव कुमार ने उनकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया है.

छह जुलाई को पुलिस ने दाखिल की थी चार्जशीट

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू की. मामले के विवेचक ने वैज्ञानिक और परिस्थितियों से जुड़े साक्ष्यों को संकलित करते हुए आरोपित संजीव कुमार के विरुद्ध छह जुलाई 2024 को कोर्ट में आरोप पत्र (चार्जशीट) दायर किया था. इसके बाद कोर्ट में चली न्यायिक प्रक्रिया और मजबूत गवाही के दम पर आरोपित को सजा दिलाई जा सकी.

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Premanshu Shekhar

लेखक के बारे में

By Premanshu Shekhar

I have 16 years of journalism experience, working as a Bureau Chief at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on crime,political, social, and current topics.I have experience covering assembly and parliamentary elections reporting.

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