"दोगुना रोजगार-दोगुनी आय" का लक्ष्य, मुजफ्फरपुर समेत सभी नगर निकायों से मांगी गई रिपोर्ट

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"दोगुना रोजगार-दोगुनी आय" का लक्ष्य, मुजफ्फरपुर समेत सभी नगर निकायों से मांगी गई रिपोर्ट

बिहार सरकार ने सात निश्चय पार्ट-03 के तहत 'दोगुना रोजगार-दोगुनी आय' के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने की तैयारी तेज कर दी है. आगामी 5 वर्षों में 1 करोड़ नई नौकरियों और रोजगार के सृजन के लिए प्रशासनिक महकमे में हलचल है. अधिकारियों को जल्द से जल्द रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है.

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Bihar Employment Target: बिहार सरकार के सात निश्चय पार्ट-03 के तहत निश्चय-1 "दोगुना रोजगार-दोगुनी आय" के बड़े लक्ष्य को धरातल पर उतारने की कवायद काफी तेज हो गई है. आगामी 5 वर्षों यानी 2025-30 की अवधि में राज्य भर में 01 करोड़ नई नौकरी और रोजगार सृजन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है. इस बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने मुजफ्फरपुर नगर निगम समेत राज्य के सभी नगर आयुक्तों, नगर परिषद और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारियों को पत्र जारी कर रोजगार सृजन से संबंधित आंकड़े तलब किए हैं. इस निर्देश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज है.

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सरकार ने तय की नौकरी और रोजगार की परिभाषा

इस महाभियान के तहत आंकड़ों में किसी भी तरह का भ्रम न हो, इसके लिए सरकार ने 'नौकरी' और 'रोजगार' की परिभाषा को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है. विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक के निर्णय के अनुसार, सार्वजनिक यानी सरकारी और निजी क्षेत्र में होने वाली नियमित नियुक्तियों को 'नौकरी' की श्रेणी में रखा जाएगा. इन नियमित नियुक्तियों के अतिरिक्त अन्य सभी क्षेत्रों में होने वाले आजीविका सृजन और स्वरोजगार (Self-employment) को 'रोजगार' की श्रेणी में सम्मिलित किया गया है. इस वर्गीकरण से आंकड़ों के संकलन में काफी पारदर्शिता आएगी.

दिव्यांग, अल्पसंख्यक और महिलाओं के आंकड़ों पर विशेष फोकस

विभाग द्वारा जारी 'प्रपत्र-2' के अनुसार, सृजित होने वाले रोजगार के आंकड़ों को बेहद पारदर्शी और श्रेणीवार रखा जाएगा. अधिकारियों को जो फॉर्मेट दिया गया है, उसमें सामान्य, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), पिछड़ा वर्ग (BC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के तहत पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर के अलग-अलग कॉलम बनाए गए हैं. इसके अलावा, कुल आंकड़ों में से दिव्यांगजन (महिला/पुरुष) और अल्पसंख्यक (महिला/पुरुष) की भागीदारी की सटीक जानकारी भी देनी होगी ताकि समाज के हर वर्ग तक इस कल्याणकारी योजना का लाभ आसानी से पहुंच सके.

अधिकारियों में खलबली, आंकड़े संकलित करने में जुटे

मुजफ्फरपुर नगर निगम और जिले के अन्य नगर निकायों में इस निर्देश के बाद खलबली मची हुई है. विभाग का पत्र मिलते ही सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में रोजगार सृजन से जुड़ी संभावनाओं, विकल्पों और अब तक के आंकड़ों को संकलित करने में जुट गए हैं ताकि समय सीमा के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जा सके.

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