17 मॉडल स्कूलों के 10 हजार बच्चों की ड्रेस अब सिलेंगी जीविका दीदियां, 200 महिलाओं को मिलेगा रोजगार

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सांकेतिक तस्वीर

मुजफ्फरपुर में सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है. अब 17 मॉडल स्कूलों के करीब 10 हजार विद्यार्थियों की स्कूल यूनिफॉर्म जीविका दीदियों द्वारा तैयार की जाएगी. इस पहल से जहाँ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोशाक मिलेगी, वहीं 200 महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे.

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Muzaffarpur News: सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने के बाद अब विद्यार्थियों के पहनावे में भी बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है. जिले के 17 मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 10 हजार छात्र-छात्राओं की स्कूल यूनिफॉर्म अब जीविका दीदियां तैयार करेंगी. योजना के तहत बच्चों को ड्रेस के साथ टी-शर्ट और ब्लेजर भी उपलब्ध कराया जाएगा. इससे विद्यार्थियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण यूनिफॉर्म मिलने के साथ ग्रामीण महिलाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा.

17 मॉडल स्कूलों के करीब 10 हजार बच्चों को मिलेगा लाभ

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जिले के 17 चयनित मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 10 हजार विद्यार्थियों के लिए ड्रेस तैयार कराने की योजना बनाई गई है. अब बच्चों के खाते में ड्रेस की राशि भेजने के बजाय जीविका समूहों के माध्यम से यूनिफॉर्म तैयार कराने की व्यवस्था की जा रही है.

200 जीविका दीदियों को मिलेगा रोजगार

योजना के लिए सिलाई-कढ़ाई में दक्ष करीब 200 जीविका दीदियों का चयन किया जाएगा. प्रखंड स्तर पर जीविका समूहों को शॉर्टलिस्ट करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इससे महिलाओं को अपने घर या प्रखंड के आसपास ही रोजगार मिलने की संभावना है.

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ड्रेस के साथ टी-शर्ट और ब्लेजर भी मिलेगा

योजना के तहत बच्चों को स्कूल ड्रेस के अलावा टी-शर्ट और ब्लेजर भी उपलब्ध कराया जाएगा. एक बच्चे की ड्रेस पर करीब छह हजार रुपये खर्च किए जाने की बात बतायी गई है. बच्चों को साल में दो बार ड्रेस की सप्लाई किए जाने की योजना है, जिससे उन्हें नियमित रूप से साफ-सुथरी और बेहतर फिटिंग वाली यूनिफॉर्म मिल सके.

आंगनबाड़ी ड्रेस के बाद मिला बड़ा काम

फिलहाल जीविका दीदियां आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए ड्रेस तैयार कर रही हैं. अब स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म सिलने की जिम्मेदारी मिलने से उनके काम का दायरा बढ़ेगा. इससे सिलाई-कढ़ाई से जुड़ी महिलाओं को सालभर नियमित काम मिलने की उम्मीद है.

महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा

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डीपीएम जीविका अनीशा ने कहा कि इस पहल से जीविका दीदियों के काम को मजबूती मिलेगी और वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनेंगी. उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों की ड्रेस तैयार करने से महिलाओं के हुनर को नया मंच मिलेगा और उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

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विनय कुमार

लेखक के बारे में

By विनय कुमार

सदस्य, भाजपा, झारखंड प्रदेश कार्य समिति

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