प्रसूताओं के खाते में 48 घंटे में चली जायेगी प्राेत्साहन राशि

Updated at : 19 Jan 2025 1:00 AM (IST)
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प्रसूताओं के खाते में 48 घंटे में चली जायेगी प्राेत्साहन राशि

प्रसूताओं के खाते में 48 घंटे में चली जायेगी प्राेत्साहन राशि

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वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर जननी बाल सुरक्षा याेजना के तहत प्रसूताओं के खाते में 48 घंटे में ही प्राेत्साहन राशि चली जायेगी. इसके लिए 20 काे विशेष ट्रेनिंग भी दी जायेगी. प्राेत्साहन राशि में गड़बडी के कई मामले सामने आने के बाद, स्वास्थ्य विभाग नया उपाय कर जा रहा है. एक फरवरी से लाभुक प्रसूताओं के खाते में प्रसव हाेने के महज 48 घंटे के अंदर ही प्राेत्साहन की राशि ट्रांसफर कर दी जायेगी. इसके लिए राज्य के सभी जिले के स्वास्थ्य प्रबंधक व लेखापाल काे 20 जनवरी काे विशेष ट्रेनिंग दी जायेगी. वीसी से इन लाेगाें काे यह बताया जायेगा कि कैसे प्रसूताओं के खाते में इस राशि काे भेजना है. राज्य स्वास्थ्य समिति के वित्त विभाग के निदेशक विंदा लाल ने सभी सिविल सर्जन काे पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है. कहा है कि 15 जनवरी काे स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने जेबीएसवाइ डीबीटी पाेर्टल का शुभारंभ किया था. इस पाेर्टल का मुख्य उद्देश्य 48 घंटे के अंदर सभी प्रसूताओं काे सरकार की ओर से मिलने वाली 1400 की प्राेत्साहन राशि को उनके खाते में भेजना सुनिश्चित करना है. वर्तमान में राज्य के 88 अस्पतालाें में इसे ट्रायल के रूप में शुरू किया गया है. जिसमें अबतक करीब एक राेड 70 लाख रुपये का ट्रांसफर लाभुक के खाते में किया जा चुका है. एक फरवरी से सभी प्रसूताओं की प्रसव के बाद इस पाेर्टल के माध्यम से 48 घंटे में इस प्राेत्साहन राशि का भुगतान कर दिया जायेगा. क्या है जननी बाल सुरक्षा योजना राज्य सरकार गर्भवती महिलाओं के लिए जननी बाल सुरक्षा योजना संचालित करती है. इस योजना के तहत प्रसव के बाद महिला को 1400 की प्राेत्साहन राशि मिलती है. दरअसल इस योजना का उद्देश्य मां- बच्चे की मूलभूत आवश्यकताएं पूरी हों, जैसे उन्हें टाइम से दवा और खाना मिले. इस योजना को आशा कार्यकर्ता क्रियान्वयित करती हैं. वहीं, महिलाओं की सूची बनाकर विभाग को सौंपती हैं. इस योजना की खास बात ये है कि इसका लाभ गर्भवती महिलाएं ले सकती हैं. यह देना होगा गर्भवती महिला का आधारकार्ड पैन कार्ड वोटर आईडी कार्ड प्रसव प्रमाण पत्र बैंक टिडेल ऐसे करें आवेदन जननी बाल सुरक्षा योजना का ऑफलाइन माध्यम से होता है. इसके लिए आपको गांव के आशा कार्यकर्ता से संपर्क करना होगा. उन्हें ही नामाकंन के साथ अन्य जानकारियां एकत्रित करने की जिम्मेदारी सरकार ने दी है. आशा महिलाएं गर्भवतियों को न्यूट्रिशन व पौष्टिक खाना उपलब्ध करवाती हैं.

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