चार करोड़ कैसे वसूलें, गलत हैं बकायेदारों के पते
Author Prabhat khabar news desk
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चार करोड़ कैसे वसूलें, गलत हैं बकायेदारों के पते
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-वैट के बकायेदारों का मामला, वसूली में हो रही परेशानी-एकमुश्त समझौता योजना में व्यवसायियों की रुचि नहीं
मुजफ्फरपुर.
वैट के बकायेदारों का ठिकाना राज्य कर विभाग को नहीं मिल रहा है. इससे विभाग की परेशानी बढ़ गयी है. जीएसटी से पहले वैट के तहत हार्डवेयर, इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रिक सहित विभिन्न ट्रेडों से जुड़े व्यवसायियों ने जीएसटी लागू होने के बाद वैट का टैक्स नहीं चुकाया था.विभाग का करीब चार करोड़ बकाया है. इसके लिए विभाग ने एकमुश्त समझौता योजना की भी शुरुआत की थी, लेकिन व्यवसायियों ने इसका लाभ नहीं लिया. विभाग अब प्रतिष्ठान के ठिकानों की जांच कर रहा है तो वह मिल ही नहीं रहे.वैट के तहत पहले कर रहे थे व्यवसाय
रजिस्ट्रेशन के समय दिये गये मोबाइल नंबर भी बंद हैं. अधिकारी भौतिक सत्यापन के लिए जब उन निर्धारित पते पर जा रहे हैं तो उन्हें प्रतिष्ठान ही नहीं मिल रहा है. टैक्स की वसूली के लिए विभाग ने इन बकायेदारों को इमेल पर नोटिस भी भेजा था, लेकिन उसका जवाब नहीं मिला.टैक्सेशन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप वर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 में जीएसटी लागू हुआ था.
जीएसटी लागू होने के बाद बदली प्रक्रिया
उससे पहले व्यवसायी वैट के तहत ही अपना व्यवसाय कर रहे थे. जीएसटी लागू होने के बाद पूरी प्रक्रिया बदल गयी. कई व्यवसायियों ने नये सिरे से लाइसेंस लेकर अपना काम शुरू किया. इसके बाद वैट की बकाया राशि की वसूली तेज हुई. एकमुश्त समझौता योजना भी लायी गयी, जिसमें कुछ व्यवसायियों ने इसका लाभ लिया, लेकिन अब कई व्यवसायियों का ट्रेस विभाग को नहीं मिल रहा है.आपके शहर में
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