Muzaffarpur : स्वस्थ मृदा ही उच्च कृषि उत्पादकता का आधार

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Muzaffarpur : स्वस्थ मृदा ही उच्च कृषि उत्पादकता का आधार

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प्रतिनिधि, सरैया कृषि विज्ञान केंद्र, सरैया में विश्व मृदा दिवस पर “मिट्टी और पानी : जीवन का स्रोत” विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया़ इसमें केवीके प्रमुख डॉ. रामकृष्ण राय ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों में मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण एवं सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने के प्रति जागरूकता लाना है. साथ ही कहा कि स्वस्थ मृदा ही उच्च कृषि उत्पादकता का आधार है. प्रत्येक किसान को नियमित मृदा परीक्षण कराना चाहिए तथा मृदा स्वास्थ्य सुधार के लिए संतुलित उर्वरक प्रबंधन और हरी खाद का उपयोग अवश्य करना चाहिए. वहीं क़ृषि अभियंत्रण वैज्ञानिक डॉ. तरुण कुमार ने मृदा एवं जल संरक्षण तकनीक, जल उपयोग दक्षता तथा कृषि जल प्रबंधन पर जानकारी दी. वहीं मिट्टी का कटाव रोकने, वर्षा जल संचयन तथा सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को अपनाकर किसान अपनी उत्पादकता में वृद्धि पर चर्चा की गयी. वैज्ञानिक डॉ. रजनीश सिंह ने फसल उत्पादन से संबंधित मृदा-आधारित तकनीक, जैविक पदार्थों के उपयोग, फसल चक्र तथा वर्मी कंपोस्ट के महत्व पर जानकारी दी. मौके पर सुनील कुमार, बीएओ सरैया सुशील कुमार, बिटीएम दीपमाला सहित अन्य कृषि समन्वयकों ने किसानों को सरकारी योजनाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लाभ तथा व्यावहारिक उपयोग के बारे में बताया. इस दौरान 35 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये गये. मौके पर प्रोग्राम असिस्टेंट मनोज कुमार, प्रतिभा कुमारी, अमित कुमार, रोहित कुमार, रंधीर कुमार सहित 86 किसान उपस्थित थे.

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Abhay Kumar

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