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स्वास्थ्य कार्ड से सुधर रही पशुओं की सेहत

Updated at : 23 Jun 2025 6:52 PM (IST)
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स्वास्थ्य कार्ड से सुधर रही पशुओं की सेहत

पशु स्वास्थ्य कार्ड पालकों के लिए वरदान सरीखा है. बिहार व केंद्र सरकार की पहल से यह योजना पशुपालकों के मददगार बन रही है.

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पालकों के लिए वरदान जैसा है स्वास्थ्य कार्ड

कार्ड से पशुओं को समय से मिल रहा इलाज

नियमित अंतराल पर किया जा रहा टीकाकरणउपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर

स्वास्थ्य कार्ड से पशुओं की सेहत सुधर रही है. पशु स्वास्थ्य कार्ड पालकों के लिए वरदान सरीखा है. बिहार व केंद्र सरकार की पहल से यह योजना पशुपालकों के मददगार बन रही है. अबतक दो लाख गाय व भैंस का डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड बन चुका है. 4.5 लाख गाय व 2.8 लाख भैंसों का स्वास्थ्य कार्ड बनना है. यह कार्ड पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण, उपचार व अन्य अहम जानकारी को एकत्रित करने का व्यवस्थित तरीका है. इससे पशुधन की देखभाल व उत्पादन में वृद्धि हो रही है. पशु स्वास्थ्य कार्ड दस्तावेज है. इसमें पशु की मेडिकल हिस्ट्री जैसे टीकाकरण, रोग, उपचार व कृत्रिम गर्भाधान की जानकारी दर्ज की जाती है.

पशुपालकों की आय बढ़ रही

स्थानीय पशु चिकित्सा केंद्रों और पशुपालन विभाग द्वारा जारी यह कार्ड पशुपालकों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में भी सहायक है. इस कार्ड से पशुओं को कई लाभ मिल रहे हैं. स्वास्थ्य निगरानी के माध्यम से खुरपका-मुंहपका रोग व ब्रूसेलोसिस जैसे संक्रामक रोगों की रोकथाम संभव हो रही है. स्वस्थ पशु अधिक दूध व मांस का उत्पादन कर रहे हैं. इससे पशुपालकों की आय में वृद्धि हो रही है.

कार्ड धारकों को मिल रहा लाभ

जिन पालकों के पास पशुओं का स्वास्थ्य कार्ड है, उन्हें पशु बीमा; पशु शेड योजना व किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है. इसके अलावा 1962 टॉल-फ्री नंबर के जरिये उपलब्ध मोबाइल पशु चिकित्सा वैन भी लोगाें के के घर पहुंच कर पशुओं का उपचार कर रही है. कार्ड में दर्ज यूआइडी टैग नंबर से पशु की पहचान व मालिकाना हक सुनिश्चित होता है.

आसानी से बनता है कार्ड

पशु स्वास्थ्य कार्ड बनवाने की प्रक्रिया सरल है. पशुपालक नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र, पशु चिकित्सा अस्पताल या प्रखंड स्तर के केंद्र में संपर्क कर लें. वहां आधार कार्ड, वोटर आइडी या राशन कार्ड जैसे पहचान पत्र, पशु की नस्ल व आयु की जानकारी के साथ पासपोर्ट साइज फोटो जमा कर दें. यह प्रक्रिया ऑनलाइन भी है. इसके बाद पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य कार्ड जारी कर दिया जायेगा. ==================

पशुओं के स्वास्थ्य कार्ड से पालकों को बहुत सारी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है. मोबाइल चिकित्सा वैन भी पशुपालकों के घर पहुंच कर पशुओं का इलाज कर रही है.बीमा भी किया जा रहा है. सरकार की इस योजना से पशुपालकों को काफी फायदा हो रहा है.

– मनोज कुमार मेहता, जिला पशुपालन अधिकारी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Vinay Kumar

लेखक के बारे में

By Vinay Kumar

I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.

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