हिंदी साहित्य को समृद्ध करने में भारतेंदु हरिश्चंद्र का योगदान अतुलनीय
Updated at : 09 Sep 2024 9:54 PM (IST)
विज्ञापन

हिंदी साहित्य को समृद्ध करने में भारतेंदु हरिश्चंद्र का योगदान अतुलनीय
विज्ञापन
मुजफ्फरपुर.
भारतेंदु ने अपने अपने साहित्य सृजन के माध्यम से हिंदी में नवीन चेतना का सूत्रपात किया. उन्होंने कम आयु में विपुल साहित्य का सृजन किया. हिंदी साहित्य को समृद्ध करने में भारतेंदु हरिश्चंद्र का योगदान अतुलनीय है. ये बातें सोमवार को एलएस कॉलेज के हिंदी विभाग में आयोजित भारतेंदु हरिश्चंद्र की जयंती समारोह को संबोधित करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो राजीव झा ने कहीं. उन्होंने कहा कि भारतेंदु ने नाटक, कविताएं व उपन्यास का सृजन किया. डॉ राजेश्वर कुमार ने कहा कि भारतेंदु हरिश्चंद्र का साहित्य राष्ट्रीय चेतना का बोध कराता है. यह उस समय की विसंगतियां, अंग्रेजों की ओर से हो रहे शोषण को केंद्रित कर रचनाएं की. भारतेंदु हरिशचंद्र न सिर्फ साहित्यकार थे, बल्कि समस्त हिंदी पट्टी के लिए वे अग्रदूत के रूप में भी प्रख्यात थे. कार्यक्रम को डॉ शिवेंद्र, डॉ राधा व डॉ विजय समेत विभाग के छात्र-छात्राएं मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




