EOU Raid: बिहार राज्य खाद्य निगम के लेखापाल के आवास पर नौ घंटे तक चली रेड, पटना- मुजफ्फरपुर समेत 6 ठिकानों पर छापेमारी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 27 Jun 2025 8:31 PM
EOU Raid in Muzaffarpur
EOU Raid: बिहार राज्य खाद्य निगम के लेखापाल राजेश कुमार के कई ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने शुक्रवार को छापेमारी की. टीम अपने साथ नोट गिनने का मशीन लेकर आई थी. टीम ने लेखपाल के मुजफ्फरपुर स्थित घर का एक - एक कोने को खंगाल दिया.
EOU Raid, अनुज शर्मा: आर्थिक अपराध इकाई (EOU) पटना की टीम ने शुक्रवार को बिहार राज्य खाद्य निगम के लेखापाल राजेश कुमार के पैतृक आवास व किराये के मकान पर छापेमारी की है. सुबह सात बजे मुजफ्फरपुर जिला के कुढ़नी थाना के केरामडीह स्थित पैतृक आवास व शहर के अघोरिया बाजार स्थित प्रोफेसर कॉलोनी के किराये के मकान में टीम एक साथ छापेमारी करने पहुंची. दोनों जगहों पर लेखापाल राजेश कुमार अनुपस्थित पाये गये. प्रोफेसर कॉलोनी स्थित किराये के मकान में पत्नी कुमारी प्रतिभा और बच्चे मिली.
नोट गिनने वाली मशीन लेकर पहुंची थी EOU की टीम
छापेमारी दल में शामिल अधिकारियों ने पत्नी व बच्चे को साइड में बैठा दिया. इसके बाद सर्च अभियान शुरू किया. पूछताछ के दौरान बताया कि उसका बच्चा पास के ही एक स्कूल में पढ़ता है, इसीलिए किराये पर एक दो रूम का फ्लैट ले रखा है. शनिवार की शाम में लेखापाल किराये के मकान में आते थे. पत्नी व बच्चों के साथ रहते थे और सोमवार की सुबह चले जाते थे.
आर्थिक अपराध इकाई की टीम नोट गिनने वाली मशीन लेकर पहुंची थी. लेकिन, वहां मोटी रकम बरामद नहीं हो पायी है. शाम तीन बजे तक चले सर्च अभियान में कुछ कागजात आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने जब्त की है. हालांकि, छापेमारी के दौरान कौन- कौन सी कागजात जब्त की गयी है इसके बारे में आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने कुछ भी आधिकारिक रूप से जानकारी नहीं दी है.
पैतृक आवास के कोने- कोने को आर्थिक अपराध की टीम ने खंगाला
केरमाडीह निवासी राजेश कुमार बिहार राज्य खाद्य निगम में मोतिहारी में लेखापाल के पद पर कार्यरत है. शुक्रवार की सुबह सात बजे आर्थिक अपराध इकाई पटना की टीम जब छापेमारी करने के लिए पैतृक आवास पर पहुंची तो राजेश अपने घर पर मौजूद नहीं मिला. इस स्थिति में टीम ने राजेश के पिता हेमन साह व घर के सभी सदस्यों से पूछताछ की. छापेमारी दल के सदस्य घर के एक – एक कोने को खंगाल डाला. रुपयों से लेकर जमीन के कागजात को लेकर पूछताछ की.
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ग्रामीण बोले- बेहद कम समय में अकूत संपत्ति बना लिया
टीम ने घर के बगल में बन रहे गोदाम पर भी गयी. इसे लेकर भी पूछताछ की. सुबह आठ बजे से शुरू हुई छापेमारी शाम चार बजे तक चली. करीब नौ घंटे की पूछताछ में अपराध इकाई की टीम को कई अहम सुराग मिलना बताया जा रहा है. साथ ही जमीन से जुड़े कई दस्तावेज भी जब्त कर टीम ले गयी है.
बताया जाता है कि राजेश के अलग अलग करीब छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गयी है. ग्रामीणों का कहना था कि राजेश आठ वर्ष पूर्व बिहार राज्य खाद्य निगम की सेवा में गया था. इतने कम दिनों में अकूत संपत्ति अर्जित करने को लेकर जगह- जगह चर्चा का बाजार गर्म था.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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