: पत्नी का आरोप इंजीनियर ने खुद रची थी अपहरण की साजिश : काजीमोहम्मदपुर पुलिस कोर्ट में 164 का बयान दर्ज कराया : पत्नी से विवाद के बाद 2018 में गायब हुआ था इंजीनियर : इंजीनियर की बहन ने उसकी पत्नी व ससुराल के लोगों पर करायी थी प्राथमिकी संवाददाता, मुजफ्फरपुर काजीमोहम्मदपुर थाना के पंखा टोली मोहल्ले से सात साल पहले अपहृत इंजीनियर जफर उर्फ तबरेज उर्फ राज को पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में उसे धनबाद के वासेपुर से बरामद किया है. वह धनबाद में एक फैक्ट्री में काम कर रहा था. इंजीनियर की बहन सबनम प्रवीण ने काजीमोहम्मदपुर थाने में 25 अक्तूबर, 2018 को अपहरण की एफआइआर दर्ज कराई थी. इसमें उसकी पत्नी समेत ससुराल के दस लोगों को नामजद व 10 अज्ञात के खिलाफ मारपीट और अपहरण का आरोप लगाया था. थाने में दर्ज प्राथमिकी दर्ज करायी थी. तब से पुलिस अपहृत इंजीनियर की बरामदगी में जुटी हुई थी. एएसपी टाउन वन सुरेश कुमार शनिवार को काजीमोहम्मदपुर थाने पहुंच कर बरामद इंजीनियर से पूछताछ की है. थाने पर मिलने के लिए उसका छह साल का बेटा, पत्नी व ससुराल के लोग भी पहुंचे थे, जिनके खिलाफ उसकी बहन ने अपहरण की प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पुलिस इंजीनियर का कोर्ट में 164 का बयान दर्ज कराने में जुट गयी है. जानकारी के अनुसार , इंजीनियर ने मोहल्ले की रहने वाली एक युवती से साल 2018 में शादी हुई थी. शादी के बाद एक साल तक दोनों ठीक ठाक से रहे. लेकिन बाद में दोनों के बीच विवाद चलने लगा. ससुराल वालों का आरोप है कि इंजीनियर ने खुद ही अपने अपहरण का साजिश रची थी. इस संबंध में उसकी बहन ने थाने में एफआइआर दर्ज कराई थी. वहीं, उसके अगले दिन पत्नी ने भी दहेज प्रताड़ना का मामला थाने में दर्ज कराया था. पत्नी की माने तो शादी के बाद एक बेटा हुआ. इसके साथ वह अपने मायके में रहती है. पति ने अपहरण का झूठा साजिश रच कर उसके व उसके परिवार के सभी लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराकर लापता था. पुलिस की पूछताछ में पत्नी का आरोप है कि घटना के बाद से वह वही छुपकर कर रहा था. पुलिस को इसकी भनक न लगे. इसके लिए वह घर वालों से भी कभी कभी दूसरे के मोबाइल से बात करता था. तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल हुई तो पहले उसने इनकार दिया कि यह मेरा मोबाइल नहीं है. हालांकि, हल्की सख्ती के बाद उसने सारी सच्चाई बता दी. फिलहाल उसे थाने पर रख कर गहन पूछताछ की जा रही है. पुलिस सूत्रों की मानें तो वर्तमान में इस मामले का मॉनिटरिंग हाईकोर्ट कर रहा था. संबंधित पदाधिकारियों को पूर्व में कई बार फटकार भी लग चुका है. इसको लेकर पुलिस कब से उसकी तलाश में जुटी थी. लेकिन युवक अपने संबंध में सारी जानकारी गोपनीय रख धनबाद में छुपकर रह रहा था. इससे पहले दो बार पुलिस ने धनबाद में छापेमारी की. लेकिन वह फरार हो गया था. उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी थी. इसी बीच उसे एक इनपुट के आधार पर पकड़ा गया है.
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