फंड की कमी का हवाला देकर योग प्रशिक्षकों का नहीं लिया जा रहा योगदान

Author Kumar dipu
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फंड की कमी का हवाला देकर योग प्रशिक्षकों का नहीं लिया जा रहा योगदान

फंड की कमी का हवाला देकर योग प्रशिक्षकों का नहीं लिया जा रहा योगदान

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वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिले के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर फिर से योग प्रशिक्षकों की बहाली के लिये सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार ने पत्र जारी किया है लेकिन उनका निर्देश पीएचसी प्रभारी मानने को तैयार नहीं हैं. पीएचसी में अपना योगदान देने के लिये जब योग प्रशिक्षक जा रहे हैं तो उन्हें लौट दिया जा रहा है. योग प्रशिक्षक ने डीएम और सिविल सर्जन को पत्र लिख अवगत कराया है. योग प्रशिक्षक विमलेश कुमार ने बताया कि प्रभारी का कहना है कि उनके पास फंड नहीं है. ऐसे में वह योग प्रशिक्षक की बहाली नहीं करा सकते हैं. यहां बता दें कि सिविल सर्जन ने निर्देश जारी करते हुए सभी योग प्रशिक्षकों को लेटर भी जारी किया है. जिले के 128 योग प्रशिक्षक इलाज के लिए आए मरीजों को दवा देने के साथ ही योग के भी फायदे बतायेंगे. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर आयुष्मान भारत के तहत इन केंद्रों में योग प्रशिक्षक की बहाली की गई है. योग प्रशिक्षक विमलेश कुमार ने बताया कि हर एक माह के अलग-अलग तिथियों में कुल 10 दिन योग की कक्षाएं संचालित की जानी है. इन योग की कक्षाओं में थायराइड, बीपी, डायबिटीज, एसिडिटी, माइग्रेन, जोड़ों में दर्द, कमर में दर्द, सर्दी- जुकाम, इम्युनिटी बूस्टर के लिए जरूरी आसन प्राणायाम और ज्ञान दिए जाते हैं.

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कुमार दीपू

लेखक के बारे में

By कुमार दीपू

स्वास्थ्य, राजनीति, समाज और समसामयिक विषयों पर दीपू रिपोर्टिंग करते हैं. इन्हें पत्रकारिता में 16 साल का अनुभव है.

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