कागज नहीं, मोबाइल ऐप से होगा सर्वे, शिक्षा से बैंकिंग तक की सुविधाओं का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
सांकेतिक तस्वीर
आगामी जनगणना 2027 के लिए बिहार में प्रशासनिक तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. इस बार पहली बार भौतिक प्रपत्रों की जगह मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल का उपयोग करके डेटा एकत्र किया जाएगा. यह डिजिटल पहल नागरिक सुविधाओं के संग्रह को अधिक कुशल बनाएगी.
Muzaffarpur News: आगामी जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं. जिला जनगणना हस्तपुस्तिका के प्रकाशन के लिए ग्राम और नगर निर्देशिका से जुड़े सामाजिक-आर्थिक एवं नागरिक सुविधाओं के आंकड़ों का डिजिटल संकलन 1 से 30 अगस्त 2026 तक किया जाएगा. इस बार पहली बार भौतिक प्रपत्रों के बजाय मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से डेटा जुटाया जाएगा.
मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल से होगा डेटा संग्रहण
नगर विकास एवं आवास विभाग के अवर सचिव रणविजय कुमार ने राज्य के सभी नगर आयुक्तों तथा नगर परिषद और नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं. क्षेत्र पदाधिकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से नागरिक सुविधाओं से संबंधित जानकारी दर्ज करेंगे, जबकि चार्ज अधिकारी वेब पोर्टल पर प्राप्त आंकड़ों का सत्यापन करेंगे.
31 दिसंबर 2025 को माना गया संदर्भ तिथि
जनगणना कार्य निदेशालय के निर्देश के अनुसार राज्य के सभी 38 जिलों में नागरिक सुविधाओं से जुड़े आंकड़ों के लिए 31 दिसंबर 2025 को संदर्भ तिथि निर्धारित की गई है. सर्वे में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, बैंकिंग, परिवहन समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं की जानकारी जुटाई जाएगी.
डेटा संकलन से प्रकाशन तक की समय-सारणी तय
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार क्षेत्र कार्य 1 से 30 अगस्त 2026 तक चलेगा. इसके बाद चार्ज अधिकारियों द्वारा 20 सितंबर तक आंकड़ों का सत्यापन किया जाएगा. निदेशालय स्तर पर आंकड़ों का परीक्षण 30 अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाएगा.
जिला जनगणना हस्तपुस्तिका के भाग-ए के प्रकाशन लेखन को 31 दिसंबर 2026 तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है.
प्रति ग्राम या नगर मिलेगा 1,000 रुपये मानदेय
डेटा संकलन में लगाए गए क्षेत्र पदाधिकारियों को प्रति ग्राम या नगर 1,000 रुपये मानदेय डीबीटी के माध्यम से दिया जाएगा. यदि किसी कर्मी को एक से अधिक ग्राम या नगर का कार्य सौंपा जाता है तो निर्धारित मानदेय उसी अनुपात में बढ़ेगा.
इसके अलावा एक दिवसीय प्रशिक्षण में शामिल होने वाले कर्मियों को 600 रुपये प्रशिक्षण भत्ता भी दिया जाएगा.
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By Premanshu Shekhar
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