पहले पूर्वी और अब टूटा तिरहुत नहर का पश्चिम तटबंध, जानें कौन कौन से गांव डूबे

मुरौल प्रखंड के महमदपुर कोठी के समीप सोमवार की सुबह तिरहुत नहर का बांध पश्चिम दिशा में महमदपुर गांव की ओर टूट गया, जिससे बाढ़ का पानी तेजी से दरधा, बैकटपुर, द्वारिकानगर की ओर फैल रहा है.
मुजफ्फरपुर : मुरौल प्रखंड के महमदपुर कोठी के समीप सोमवार की सुबह तिरहुत नहर का बांध पश्चिम दिशा में महमदपुर गांव की ओर टूट गया, जिससे बाढ़ का पानी तेजी से दरधा, बैकटपुर, द्वारिकानगर की ओर फैल रहा है. मुजफ्फरपुर-पूसा मार्ग पर परिचालन पूर्ण रूप से प्रभावित हो गया है. लोगों का कहना है कि अगर पानी बढ़ने की यही रफ्तार रही तो मुशहरी प्रखंड का कई गांव प्रभावित हो जायेगा.
रविवार को तिरहुत नहर का बांध पूरब दिशा की ओर टूटा था, जिससे बाढ़ का पानी पिलखी गजपति पंचायत, मीरापुर, सादिकपुर मुरौल, विधाझांप पंचायत सहित मुरौल व सकरा प्रखंड के कई गांव में फैल गया है. लोग ऊंचे स्थान पर परिवार के साथ शरण ले चुके हैं. दोनों प्रखंड के कई पंचायतों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से भंग हो गया है. सुबह में ढोली कॉलेज के पास भी रिसाव की सूचना पर हड़कंप मच गया था. तिरहुत कृषि महाविद्यालय ढोली, डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विश्वविद्यालय पूसा जाने वाली सड़क पर पांच फीट पानी होने से आवागमन प्रभावित हो गया. वही महममदपुर कोठी पुल के समीप बांध के टूटे स्थल के निकट पानी का दबाव बढ़ जाने रेशम विभाग की ओर और मुख्य सड़क पर कटाव तेज हो गया है.
इधर, बूढ़ी गंडक में पानी बढ़ने से लोग परेशान हैं. सोमवार को कोसी, बागमती, कमला बलान, अधवारा, महानंदा और घाघरा नदियां खतरे के निशान से ऊपर थीं. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार कोसी नदी का जल स्तर खगड़िया जिले के बलतारा व कुरसेला में ऊपर थी. गंडक नदी का जल स्तर गोपालगंज के डुमरिया घाट व बूढ़ी गंडक लालबेगिया घाट, आहिरवालिया, सिकंदरपुर, समस्तीपुर, रोसड़ा व खगड़िया में खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी़ बागमती ढेंग ब्रिज, रुन्नी सैदपुर, बेनीबाद और हायाघाट में खतरे के निशान से पार थी़ कमला बलान का जल स्तर जयनगर व झंझारपुर रेल पुल के पास खतरे के निशान से ऊपर था. वहीं, बक्सर, पटना व मुंगेर में गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि दर्ज की गयी़
इसबीच, समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड के हायाघाट रेल पुल संख्या 16 के पास करेह के जल स्तर बढ़ गया है. इसके कारण समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर 11वें दिन भी ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहा. 24 जुलाई से ही इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बंद है. इधर, थलवारा- किशनपुर रेलखंड पर चल रहे दोहरीकरण कार्य पर बाढ़ के पानी का असर नहीं हो, जिसके लिए निर्माण विभाग की ओर से दोहरीकरण कार्य की पैकिंग का काम कराया गया है.
posted by ashish jha
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By Prabhat Khabar News Desk
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