भीड़ प्रबंधन के लिए जारी की नई सख्त गाइडलाइन्स
मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुरहाल के वर्षों में हुई भगदड़ की घटनाओं से सबक लेते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भीड़ प्रबंधन के लिए एक नया और सख्त एक्शन प्लान लागू किया है. नयी गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य बड़े आयोजनों में सुरक्षा को केवल पुलिसिया कार्रवाई तक सीमित नहीं रखकर इसे एक वैज्ञानिक और रणनीतिक रूप देना है. आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से जारी नयी नियमावली के अनुसार, अब किसी भी बड़े धार्मिक, राजनीतिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम से पहले जोखिम मूल्यांकन अनिवार्य होगा. इसमें आयोजकों को आयोजन स्थल की क्षमता का आकलन करना होगा. यदि स्थल की क्षमता 50,000 है, तो उससे अधिक लोगों के प्रवेश को रोकने के लिए पुख्ता योजना पहले से ही प्रशासन को सौंपनी होगी. प्रवेश और निकास के मार्गों का नक्शा ऐसा बनाना होगा जिससे लोग एक-दूसरे से न टकराए.
ऐसे होगी व्यवस्था
जिग-जैग कतारें :
सीधी लाइनों के बजाय टेढ़े-मेढ़े बैरिकेड्स लगाए जाएंगे, ताकि भीड़ का सीधा दबाव आगे खड़े लोगों पर न पड़े.चौड़ेनिकास द्वार:
सभी गेट बाहर की ओर खुलने वाले और पर्याप्त चौड़े होने चाहिए. आपात स्थिति में उन्हें तुरंत खोलने की व्यवस्था रखनी होगी.तकनीक से निगरानी: ड्रोन और सीसीटीवी ज़मीनी प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए अब केवल गार्ड के भरोसे नहीं रहा जाएगा.
रियल-टाइम मॉनिटरिंग :
सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए भीड़ पर हर पल नज़र रखी जाएगी.कमांड सेंटर: आयोजन स्थल पर ही एक कंट्रोल रूम होगा, जहां से लाउडस्पीकर के जरिए भीड़ को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे.क्यूआरटी की
तैनाती
: किसी भी अनहोनी की स्थिति में 5 से 10 मिनट के भीतर सहायता पहुंचाने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल और मेडिकल स्टाफ को ””स्टैंडबाय”” पर रखा जाएगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

