अश्वमेघ यज्ञ से ज्यादा फल देने वाला है शिवमहापुराण

बंदरा : श्री शिवमहापुराण कथा हजारों अश्वमेघ यज्ञ करने से अधिक फल देने वाली कथा है. महाशिवरात्रि के पवित्र महापर्व में शिवमहापुराण की कथा का और भी महत्व बढ़ जाता है. शिवरात्रि के दिन ही शिव जी ने समुद्र मंथन से निकले विष का पान किया था. इस कारण उनका नाम नीलकंठ पड़ा था. शिवरात्रि […]
बंदरा : श्री शिवमहापुराण कथा हजारों अश्वमेघ यज्ञ करने से अधिक फल देने वाली कथा है. महाशिवरात्रि के पवित्र महापर्व में शिवमहापुराण की कथा का और भी महत्व बढ़ जाता है. शिवरात्रि के दिन ही शिव जी ने समुद्र मंथन से निकले विष का पान किया था. इस कारण उनका नाम नीलकंठ पड़ा था. शिवरात्रि के दिन ही देवाधिदेव महादेव का विवाह जगतजननी माता पार्वती से हुआ था. शिवरात्रि के दिन ही भगवान भोलेनाथ प्रथम बार ज्योतिर्लिंग के रूप में भगवान श्रीविष्णु व ब्रह्मा जी के समक्ष उपस्थित हुए थे.
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