अश्वमेघ यज्ञ से ज्यादा फल देने वाला है शिवमहापुराण

Updated at : 23 Feb 2020 6:37 AM (IST)
विज्ञापन
अश्वमेघ यज्ञ से ज्यादा फल देने वाला है शिवमहापुराण

बंदरा : श्री शिवमहापुराण कथा हजारों अश्वमेघ यज्ञ करने से अधिक फल देने वाली कथा है. महाशिवरात्रि के पवित्र महापर्व में शिवमहापुराण की कथा का और भी महत्व बढ़ जाता है. शिवरात्रि के दिन ही शिव जी ने समुद्र मंथन से निकले विष का पान किया था. इस कारण उनका नाम नीलकंठ पड़ा था. शिवरात्रि […]

विज्ञापन

बंदरा : श्री शिवमहापुराण कथा हजारों अश्वमेघ यज्ञ करने से अधिक फल देने वाली कथा है. महाशिवरात्रि के पवित्र महापर्व में शिवमहापुराण की कथा का और भी महत्व बढ़ जाता है. शिवरात्रि के दिन ही शिव जी ने समुद्र मंथन से निकले विष का पान किया था. इस कारण उनका नाम नीलकंठ पड़ा था. शिवरात्रि के दिन ही देवाधिदेव महादेव का विवाह जगतजननी माता पार्वती से हुआ था. शिवरात्रि के दिन ही भगवान भोलेनाथ प्रथम बार ज्योतिर्लिंग के रूप में भगवान श्रीविष्णु व ब्रह्मा जी के समक्ष उपस्थित हुए थे.

ये बातें शिवशक्ति धाम बरियारपुर मोहनपुर में धर्मादा कमेटी के तत्वावधान में महाशिवरात्रि यज्ञ महोत्सव पर सात दिवसीय शिवमहापुराण कथा के प्रथम दिवस की कथा में काशी की पवित्र धरा से पधारी कथावाचिका बाल व्यास आराधना चतुर्वेदी ने शिवमहापुराण कथा के महात्म्य का वर्णन करते हुए कही.
आराधना चतुर्वेदी ने विद्देश्वर संहिता की कथा के माध्यम से शिवजी के अग्निस्तंभ रूप में प्रकट होने की कथा, पार्थिव शिवलिंग पूजन की महत्ता की कथा सुनाते हुए कहा कि शिव वह मंगलमय नाम है. भगवान शंकर कामनाओं की पूर्ति करने वाले महादेव शिव शंकर हैं.
मौके पर धर्मादा कमिटी के अध्यक्ष विमल कुमार सिंह, उपाध्यक्ष कौशल किशोर ठाकुर, मुख्य यजमान विमलेश ठाकुर, रंजू देवी, सीताराम सिंह, गंधीर झा, कुन्दन कुमार, नारायण गिरी, रमेश ठाकुर, मुकेश कुमार सिंह, गोलू गिरी, मनीष सिंह, राजीव सिंह आदि कार्यकर्ता सक्रिय थे.
भगतवन कथा से पाप नष्ट होते हैं
बंदरा. भगवान गिनती के जाप से नहीं, भाव से मिलते हैं. श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन, श्रवण और सहयोग करने से मनुष्य के कोटि-कोटि के पाप नष्ट हो जाते हैं. ये बातें कथावाचिका कृष्णप्रिया महाराज ने चांदपुरा गांव में भागवत ज्ञान यज्ञ सेवा समिति द्वारा आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमदभागवत कथा के चौथे दिन कही.
कथावाचिका कृष्णप्रिया महाराज ने वामन अवतार,गौ माता की महत्ता के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग विस्तार पूर्वक सुनायी. मौके पर वासुदेव शिशु कृष्ण की झांकी भी दिखाई गयी. मुख्य यजमान शिवराम राय ने भागवत पूजन किया. मौके पर महेश ठाकुर, शिवनाथ सिंघानिया, संजय मंडल, संतोष कुमार, नीरज ठाकुर, रामनिरंजन, गुलशन कुमार, यज्ञ समिति के सभी कार्यकर्ता समेत सैंकड़ों श्रोता मौजूद थे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन