ब्रजेश, रवि, विजय व दिलीप को उम्र कैद या कम से कम दस साल की हाे सकती है सजा
Author Prabhat khabar digital desk
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मुजफ्फरपुर : बालिका गृह कांड में मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर समेत 19 आरोपितों को दोषी करार दिये जाने के बाद अब किसको कितनी सजा मिलेगी, यह चर्चा शुरू हो गयी है. ब्रजेश, बाल संरक्षण अधिकारी रहे रवि रौशन, सीडबल्यूसी के अध्यक्ष रहे दिलीप वर्मा व ब्रजेश के चालक विजय तिवारी को पॉक्सो कानून की धारा […]
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मुजफ्फरपुर : बालिका गृह कांड में मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर समेत 19 आरोपितों को दोषी करार दिये जाने के बाद अब किसको कितनी सजा मिलेगी, यह चर्चा शुरू हो गयी है. ब्रजेश, बाल संरक्षण अधिकारी रहे रवि रौशन, सीडबल्यूसी के अध्यक्ष रहे दिलीप वर्मा व ब्रजेश के चालक विजय तिवारी को पॉक्सो कानून की धारा छह के तहत गुरुतर लैंगिक हमला और भारतीय दंड संहिता (भादंसं) की धाराओं के तहत बलात्कार और सामूहिक बलात्कार का दोषी ठहराया गया है.
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अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा बताते हैं कि इन धाराओं में उम्र कैद या कम से कम दस साल की सजा हो सकती है. अदालत ने अपने 1,546 पन्नों के फैसले में ब्रजेश को धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र), 324 (खतरनाक हथियारों या माध्यमों से चोट पहुंचाना), 323 (जानबूझ कर चोट पहुंचाना), उकसाने, पॉक्सो कानून की धारा 21 (अपराध होने की जानकारी देने में विफल रहने) और किशोर न्याय कानून की धारा 75 (बच्चों के साथ क्रूरता) के तहत भी दोषी ठहराया है. वही गुड्डू पटेल, कृष्णा राम, रामानुज ठाकुर व विकास को रेप, पॉक्सो एक्ट की धारा 12, 120 बी व पॉक्साे एमेंटमेंट साजिश के तहत दोषी पाया गया है.
अधिवक्ता शरद सिन्हा का कहना है कि एमेंटमेंट साजिश में दोषी होने का मतलब है कि मुख्य आरोपित की कृत्य में आप भागीदार है. गुड्डू, कृष्णा, रामानुज व विकास को अधिकतम दस या कम से कम सात साल की सजा हो सकती है. हालांकि कोर्ट ने गवाह व सबूत के अभाव में इसने विक्की को बरी कर दिया.
महिला आरोपियों में रोजी रानी को पॉक्सो कानून के तहत धारा 21 (1) (अपराध होने की जानकारी देने में विफल रहने) के तहत अपराधों के लिए दोषी ठहराया. इस अपराध के लिए अधिकतम सजा छह महीने थी, जो वह पहले ही काट चुकी हैं, इसलिए कोर्ट ने उसे जमानत दे दी.
रामा शंकर सिंह और डॉ. अश्विनी को आपराधिक षड्यंत्र और बलात्कार के लिए उकसाने के अपराधों का दोषी पाया गया, जबकि शाइस्ता प्रवीण, मीनू देवी, मंजू देवी, चंदा देवी, नेहा कुमारी, हेमा मसीह, किरण कुमारी को आपराधिक षड्यंत्र, बलात्कार के लिए उकसाने, बच्चों के साथ क्रूरता और अपराध होने की रिपोर्ट करने में विफल रहने का दोषी पाया गया. वही इंदु को 323 आइपीसी व 75 जेजे एक्ट का दोषी पाया गया है.
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