एक सप्ताह में कार्रवाई, नहीं तो अनशन
Author Prabhat khabar digital desk
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मुजफ्फरपुर : अहियापुर में जिंदा जलाकर मारी गयी छात्रा के मामले में परिजन अब इंसाफ के लिए आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे. एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई नहीं होने पर पूरा परिवार अनशन करेंगे. केस की आइओ सह महिला थानेदार आभा रानी के अनुसंधान से वे लोग असंतुष्ट हैं. आइओ के अनुसंधान में परिजनों ने […]
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मुजफ्फरपुर : अहियापुर में जिंदा जलाकर मारी गयी छात्रा के मामले में परिजन अब इंसाफ के लिए आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे. एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई नहीं होने पर पूरा परिवार अनशन करेंगे. केस की आइओ सह महिला थानेदार आभा रानी के अनुसंधान से वे लोग असंतुष्ट हैं. आइओ के अनुसंधान में परिजनों ने कई खामियां को बताया है. गुरुवार को परिजनों ने अघोरिया बाजार स्थित जनहित मंच के कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान ये बातें कहीं.
इस केस को जनहित मंच के सचिव सह अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह लड़ेंगे. परिजनों ने उनपर भरोसा जताया है. अधिवक्ता ने कहा कि अहियापुर की घटना दिल्ली की निर्भया कांड से भी अधिक क्रूर है. इस घटना की न्यायिक जांच की परिजनों ने मांग की है.
अबतक कोर्ट में जमा नहीं किये गये महत्वपूर्ण साक्ष्य : अधिवक्ता ने आइओ के अनुसंधान करने के तरीके पर प्रश्न उठाये हैं. कहा कि केस की आइओ ने अब तक हुए अनुसंधान की डायरी, मृतका का मजिस्ट्रेट के समक्ष हुए बयान की सीडी, अन्य गवाहों का बयान, साक्ष्य संकलन, मेडिकल रिपोर्ट व इंज्यूरी को अब तक कोर्ट में जमा नहीं किया है.
इसे 48 घंटे के अंदर कोर्ट में जमा किया जाये. साथ ही केस की आइओ को बदल कर डीएसपी स्तर के पदाधिकारी से अनुसंधान कराया जाये. आइओ केस को कमजोर करना चाह रही है. जनहित मंच की ओर से डीएम को 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया.
परिजनों को भी आरोपित की श्रेणी में रखने की मांग : जेल में बंद आरोपी राजा राय के परिजनों की भी इसमें संलिप्तता है. मृतका व उसके परिजनों को आरोपी जब तंग तबाह करते थे तो इसकी शिकायत लेकर आरोपी के परिजन के पास जाते थे. लेकिन, वे लोग इसको अनसुना कर देते थे.
इसलिए आरोपित के परिजनों पर भी इस कांड में धारा 120(बी) के तहत आरोपी की श्रेणी में रख कर निष्पक्ष जांच करायी जाये. इसके अलावा घटनास्थल पर मौजूद दोनों बच्चों का बयान अविलंब दर्ज कराया जाये. कांड की सूचिका एवं अन्य गवाहों को ट्रायल तक पूर्ण सुरक्षा प्रदान किया जाये. मृतका की मां का बेगूसराय में स्थानांतरण किया जाये.
केस की जांच की अपडेट रिपोर्ट पीड़ित परिवार को भी समय-समय पर उपलब्ध कराया जाये. साथ ही छात्रा की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने वाले तत्कालीन थानेदार पर कार्रवाई की मांग की गयी. 15 दिन के अंदर अनुसंधान को पूरा करने की मांग की गयी. प्रेसवार्ता के दौरान अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह के अलावा मृतका की मां, बहनोई सहित अन्य परिजन मौजूद थे.
छात्रा को जिंदा जलाने का मामला
48 घंटे के अंदर कोर्ट में साक्ष्य जमा कराने की मांग
महिला थानेदार को आइओ से हटाने की मांग
डीएसपी को बनाया जाये आइओ
15 दिन के अंदर अनुसंधान को पूरा करने की मांग
मुजफ्फरपुर. अहियापुर में छात्रा काे जिंदा जलाकर मारने के अाराेपी राजा राय अाैर मुकेश राय काे कोर्ट के आदेश मिलने के तीन दिन बाद भी महिला थानेदार व केस की आइओ रिमांड पर नहीं ले पायी है. गुरुवार की शाम में महिला थानेदार शहीद खुदीराम बाेस केंद्रीय कारा में दलबल के साथ पहुंची. लेकिन विलंब हाे जाने के कारण अाराेपियाें काे रिमांड पर लेने की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी.
नगर डीएसपी रामनरेश पासवान ने इस मामले को लेकर महिला थानेदार आभा रानी पर गहरी नाराजगी प्रकट की. नगर डीएसपी ने महिला थानेदार को हर हाल में शुक्रवार काे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने का निर्देश दिया.
इसके साथ ही उन्होंने कांड में केस डायरी भी प्रस्तुत करने का निर्देश अाइअाे काे दिया. बता दें कि घटना के बाद अनुसंधान को लेकर लगातार महिला थानेदार की कार्यशैली सवालों के घेरे में रही है. छात्रा के परिजनों ने भी उसके अनुसंधान पर सवाल उठाये है. परिजनों का कहना है कि आइओ के अनुसंधान में इस तरह की खामियां मिल रही है कि इसका लाभ आरोपित को मिलेगा.
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