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एसकेएमसीएच में अब डॉक्टरों को हर दिन लगानी होगी हाजिरी, प्रभात खबर में छपी खबर पर संज्ञान लेते हुए प्राचार्य ने जारी किया आदेश

Updated at : 15 Jan 2019 7:48 AM (IST)
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एसकेएमसीएच में अब डॉक्टरों को हर दिन लगानी होगी हाजिरी, प्रभात खबर में छपी खबर पर संज्ञान लेते हुए प्राचार्य ने जारी किया आदेश

मुजफ्फरपुर : एसकेएमसीएच में डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ की लेटलतीफी अब नहीं चलेगी. सभी विभागाध्यक्ष व कर्मचारियों को हर दिन हाजिरी लगानी होगी. प्रभात खबर में छपी ‘दो लाख तक वेतन, लेकिन दो घंटे भी नहीं देते अस्पताल को’ खबर पर संज्ञान लेते हुए एसकेएमसीएच के प्राचार्य डॉ विकास कुमार ने नोटिस बोर्ड पर आदेश […]

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मुजफ्फरपुर : एसकेएमसीएच में डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ की लेटलतीफी अब नहीं चलेगी. सभी विभागाध्यक्ष व कर्मचारियों को हर दिन हाजिरी लगानी होगी. प्रभात खबर में छपी ‘दो लाख तक वेतन, लेकिन दो घंटे भी नहीं देते अस्पताल को’ खबर पर संज्ञान लेते हुए एसकेएमसीएच के प्राचार्य डॉ विकास कुमार ने नोटिस बोर्ड पर आदेश जारी कर दिया है. इसमें कहा है कि मरीज व छात्र हित को देखते हुए चिकित्सक व मेडिकल स्टाफ को ईमानदारी से काम करना चाहिए.
सभी विभागों में जल्द ही फेसियल बायोमेट्रिक मशीन लगनी चाहिए. इसकी उपयोगिता सुनिश्चित कराना विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी. जिस विभाग को फेसियल बायोमेट्रिक की आपूर्ति नहीं हो सकी है, संबंधित विभागाध्यक्ष सुनिश्चित करें कि यह लगे.
बता दें कि प्रभात खबर के 13 जनवरी के अंक में पीएमसीएच एवं अस्पताल के हाल का खुलासा हुआ था. इसमें डॉक्टरों की हाजिरी बनाने व तुरंत निकल जाने की पड़ताल की गयी थी.
सीनियर डॉक्टरों के नहीं रहने पर मरीजों को होने वाली परेशानी का जिक्र था. जूनियर डॉक्टर के भरोसे गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीज का इलाज होता है. कमोबेश एसकेएमसीएच की भी यहीं स्थिति है. डॉक्टर के आने-जाने का पता नहीं चल पाता है. मरीज को पूछने पर झिड़की सुननी पड़ती है. इसका फायदा उठाकर बिचौलिये मरीजों को निजी अस्पताल ले जाते हैं.
सबसे खराब स्थिति देर रात आने वाले गंभीर मरीज की होती है. परिजन अस्पताल में दौड़ लगाते रह जाते हैं, लेकिन सीनियर डॉक्टर नहीं मिलते हैं. जूनियर डॉक्टर से ही इलाज कराना उनकी मजबूरी रहती है.
एसकेएमसीएच में डॉक्टरों की स्थिति
प्राध्यापक 17
सह-प्राध्यापक 18
सहायक प्राध्यापक 50
ट्यूटर 47
जूनियर व सीनियर डॉक्टर 125
बेड 610
रोजाना मरीज 1500 से 2000 हजार के करीब
नोट: इन कुछ आंकड़ों में आंशिक अंतर हो सकता है.
वर्जन:
सभी विभागों में फेसियल बायोमेट्रिक मशीन लगा दी गयी है. छात्र से लेकर डॉक्टरों तक को बायोमेट्रिक हाजिरी बनाने का निर्देश दिया गया है. बायोमेट्रिक से हाजिरी नहीं बनाने वालों की जानकारी सरकार को उपलब्ध करायी जायेगी.
डॉ विकास कुमार, प्राचार्य, एसकेएमसीएच
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