मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी व शिवहर जिले में सड़कों व पुलों के निर्माण पर अगले तीन साल में नौ हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. फिलहाल इन तीनों जिलों में 2600 करोड़ की योजना पर काम चल रहा है. यह जानकारी पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने शुक्रवार को तीनों जिलों में चल रही योजनाओं की समीक्षा के बाद प्रेसवार्ता के दौरान दी.
मुजफ्फरपुर,सीतामढ़ी व
सीतामढ़ी व शिवहर…
पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि जनता को बेहतर सड़क व पुल देना सरकार की प्राथमिकता है. सड़क निर्माण के साथ इसके रखरखाव की व्यवस्था भी
की जा रही है.
्रइसके लिए निर्माण एजेंसी के साथ अनुबंध किया जा रहा है. सड़क में गड़बड़ी आयी, तो इसे एक सप्ताह के अंदर दुरुस्त किया जायेगा. सरकार का प्रयास है कि 2018 के अंत तक शहर से लेकर ग्रामीण इलाके की सड़कें चकाचक दिखें.
बाढ़ के दौरान ध्वस्त हुए पुल व सड़कों की चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि पहले फेज में इसे मोटरेबल किया गया है. अब इसके निर्माण का काम चल रहा है. 15 दिसंबर तक सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त कर दिया जायेगा. फरवरी 2018 तक तीनों जिलों की ध्वस्त सभी सात पुलों का निर्माण शुरू कर दिया गया है. नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सड़कों के चौड़ीकरण के लिए केंद्र सरकार के पास 23 सड़कों का प्रस्ताव भेजा गया है. सीवान से नेपाल को जोड़ने वाले जनकपुर मार्ग का निर्माण जनवरी 2018 से शुरू होगा. इसका डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. मुजफ्फरपुर-छपरा एनएच 102 काम जून 2018 तक पूरा कर लिया जायेगा.
प्रेसवार्ता में नगर विकास आवास मंत्री सुरेश शर्मा, विधायक केदार गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष रामसूरत राय, पूर्व विधायक वीणा देवी व बोचहां विधायक बेबी कुमारी उपस्थित थीं.
