मुजफ्फरपुर: इकोनॉमिक्स के पूर्व एचओडी डॉ कृष्ण मोहन प्रसाद के खिलाफ राजभवन ने फिर से जांच के आदेश जारी किये है. पुत्र को अवैध रूप से पीएचडी के डिग्री दिलाने के मामले में उन पर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है. इसको लेकर अपर सचिव विजय कुमार ने विवि से 20 दिन के अंदर रिपोर्ट भी मांगी है. राजभवन के आदेश के बाद विवि ने तीन सदस्यीय कमेटी भी बना दी है. लेकिन अब तक कमेटी को जांच से संबंधित कागजात विवि की ओर से नहीं सौंपे गये हैं. इसकी वजह से जांच में लगातार देरी हो रही है.
भेजे गये पत्र में बताया गया है कि गलत प्रमाण पत्रों के आधार पर पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने के लिए मनीष कृष्णा के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की जाये और इसकी रिपोर्ट राजभवन को दें. साथ ही यह भी बताया गया है कि पिछले साल ही मामले में कार्रवाई के आदेश दिये गये थे. इसको लेकर कई बार पत्र भी भेजा गया है. जिन पत्रों को राजभवन ने पहले भेजा था, उन पत्रों के क्रमांक का जिक्र भी अपर सचिव ने अपने पत्र में किया है.
बता दें कि पिछले साल तीन अगस्त को दीपू कुमार नामक व्यक्ति ने राजभवन में शिकायत की थी. इसके बाद पिछले साल ही आठ अगस्त को आर्यन नामक व्यक्ति ने राजभवन में शपथ पत्र के साथ शिकायत की थी. 24 अगस्त को राजभवन ने जांच के आदेश दिये थे. इस पर विवि ने तीन सदस्यीय कमेटी बनायी थी. लेकिन पूर्व वीसी डॉ पी पलांडे के जाने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था. इसके बाद फिर से राजभवन ने पत्र भेजकर पूरी मामले की रिपोर्ट मांगी है. रजिस्ट्रार डॉ एके श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में कमेटी गठित की गयी है. कमेटी अपने स्तर से जांच कर रही है. जांच के बाद जल्द ही िरपोर्ट सौंपी जायेगी.
