सड़क पर शव रख प्रदर्शन, चार घंटे तक रणक्षेत्र रहा सादपुरा इलाका

Published at :17 Jun 2017 10:17 AM (IST)
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सड़क पर शव रख प्रदर्शन, चार घंटे तक रणक्षेत्र रहा सादपुरा इलाका

मुजफ्फरपुर : ऑटो पलटने से यात्री की मौत के बाद करीब चार घंटे तक सादपुरा गुमटी रणक्षेत्र में तब्दील रहा. शव को उठा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजने में काजीमोहम्मदपुर, विवि और मिठनपुरा पुलिस के पसीने छूट गये. पुलिस जब आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास करती, तो लोग और भड़क जाते थे. इससे मजबूरन […]

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मुजफ्फरपुर : ऑटो पलटने से यात्री की मौत के बाद करीब चार घंटे तक सादपुरा गुमटी रणक्षेत्र में तब्दील रहा. शव को उठा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजने में काजीमोहम्मदपुर, विवि और मिठनपुरा पुलिस के पसीने छूट गये. पुलिस जब आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास करती, तो लोग और भड़क जाते थे. इससे मजबूरन पुलिस को पीछे हटना पड़ा.
चिलचिलाती धूप में शव को बीच सड़क पर रख कर स्थानीय लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे थे. मृतक सुरेश राय का जीजा चार लाख रुपये मुआवजा की मांग कर रहा था. लोग मुआवजे की राशि मिलने के बाद ही शव उठाने की जिद पर अड़े थे. दोपहर करीब डेढ़ बजे वैशाली जिले के भाकपा माले के सदस्य रामदेव प्रसाद राय मौके पर पहुंचे. उन्होंने मृतक के परिजनों व आक्रोशित लोगों को समझा कर शांत कराया.
भीड़ में घुसे उपद्रवी ने राहगीरों से की बदसलूकी : मुआवजा के लिए सड़क जाम कर रहे लोगों के बीच कुछ उपद्रवी घुस गये थे. वे लगातार राहगीरों के साथ बदसलूकी कर रहे थे. सड़क से गुजरने वाली महिलाएं और छात्राओं के देख कर हूटिंग करने से भी बाज नहीं आ रहे थे. इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि जब उन्हें समझाने की कोशिश करते तो वे शांत हो जाते, लेकिन फिर कुछ देर बाद हंगामा शुरू कर देते थे. इस दौरान कई राहगीरों को हल्की चोटें भी आयीं.
नाबालिग ऑटो चालक मौत को दे रहे दावत : हंगामा कर रहे लोग कह रहे थे कि नाबालिग चालक ऑटो चलाते हैं. इससे उस पर सवार यात्रियों की जान पर हमेशा खतरा होता है. लेकिन प्रशासन को इस पर कोई आपत्ति नहीं होती. ये नाबालिग चालक तेज रफ्तार में ऑटो चलाते हैं. मोहल्ले में कोई बड़ी दुर्घटना न हो, इसके लिए जगह-जगह ब्रेकर बनाया गया है, फिर भी ऑटो चालकों की रफ्तार में कमी नहीं आ रही है. अगर प्रशासन इसके खिलाफ कोई अभियान नहीं चलायेगा, तो मजबूरन हमलोगों को इन्हें सबक सिखाना होगा.
मजदूर का शव है, धूप में ही रहेगा
सर, मजदूर का शव है, धूप में भी रहेगा तो कुछ नहीं बिगड़ेगा. अमीर का होता तो अभी छाता और बहुत कुछ आ गया होता. यह गरीब दिन-रात मजदूरी कर दस लोगों का परिवार पालता था. विधवा मां, पत्नी, तीन छोटे- छोटे मासूम बच्चों की परवरिश करता था. उनका सहारा छिन गया. अब कौन उनके लिए दो वक्त की रोटी जुटा कर देगा. ये बातें मुशहरी से सादपुरा पहुंचे सुरेश राय के जीजा राजू कुमार ने पुलिस से कहीं.
चाचा के साथ मजदूरी के लिए घर से निकला था सुरेश : वैशाली जिले के हुसैनपुर गांव के चांदनी चौक स्थित आवास से सुरेश राय शुक्रवार की सुबह चूड़ा-आम खाकर घर से अपने चाचा चंदेश्वर राय के साथ निकला था. सवारी गाड़ी से दोनों भगवानपुर चौक पहुंचे. वहां से ऑटो पकड़ कर चंदेश्वर राय डॉक्टर से दिखाने के लिए जूरन छपरा चला गया. सुरेश ऑटो पकड़ मिठनपुरा जा रहा था. इस बीच सादपुरा गुमटी के समीप ऑटो पलटने में उसकी मौत हो गयी
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