मुजफ्फरपुर मौसम: पारा 41.8 के पार, मॉनसून की बेरुखी से उबल रहे लोग, जिले में इस दिन दस्तक दे सकता है मानसून...

मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार शनिवार को भी अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह सामान्य तापमान से 7.1 डिग्री अधिक है. वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा. न्यूनतम तापमान बढ़ने से दिन के साथ-साथ रात में समय भी तेज गर्मी और उमस का सितम जारी है.
मुजफ्फरपुर: पिछले चार दिनों से तापमान एक ही जगह स्थिर बना है. मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार शनिवार को भी अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह सामान्य तापमान से 7.1 डिग्री अधिक है. वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा. न्यूनतम तापमान बढ़ने से दिन के साथ-साथ रात में समय भी तेज गर्मी और उमस का सितम जारी है. घर से बाहर कदम रहते ही लोग उबल रहे हैं. दिन में बाजार की दुकानों में सन्नाटा पसरा रहता है. हीटवेव ने आम जिंदगी से लेकर सभी चीजों को प्रभावित कर दिया है. मॉनसून की बेरुखी ने लोगों को और मुश्किलों में डाल दिया है. मौसम विभाग के वरीय वैज्ञानिक डॉ एके सत्तार के अनुसार 18 जून के बाद अनुकूल मौसमीय परिस्थितियां मिलने से मानसून सक्रिय हो सकता है.
गर्मी की तपीश बढ़ते ही बिजली व पानी की समस्या लोगों को रुलाने लगी है. बिजली की हालत तो यह है कि कब आती है और कब चली जा रही है, लोगों को पता नहीं चल पा रहा है. सबसे ज्यादा परेशानी ट्रांसफर्मर का फ्यूज उड़ने को लेकर है. लोड बढ़ने से ट्रांसफर्मर का फ्यूज हर 15 से 20 मिनट पर उड़ रहा है. लोगों का कहना है कि रात के समय फ्यूज उड़ने पर बनाने में काफी समय लग रहा है. उसका असर सुबह में पड़ रहा है. बिजली गायब रहने पर पानी संकट की स्थिति हो जाती है. सुबह में बिजली गायब होने पर निगम के पानी पंप हाउस से जलापूर्ति नहीं हो पाती है. यह मामला किसी खास इलाके की नहीं बल्कि दर्जनों इलाकों की है.
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बीते चार दिनों से लगातार रात के 9 से 10 बजे के बिजली आवंटन में एक ग्रिड को औसतन 20 से 25 मेगावाट की कटौती हो रही है. यह कटौती रात से अहले सुबह 4 से 5 बजे तक रहती है. इस कारण पूरी रात बिजली आपूर्ति एक से डेढ़ घंटे के रोटशन पर शहरी क्षेत्र में चली जाती है, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में कटौती 2 से 3 घंटे के लोडशेडिंग पर चली जाती है. इसी बीच फॉल्ट होने पर समस्या और गहरा जाती है. गर्मी बढ़ने के साथ नियमित रूप से एसएलडीसी पटना से आवंटन में कटौती की जा रही है. पिक आवर में शहर से सटे रामदयालु व मेडिकल का ग्रिड का लोड 100 से 105 मेगावाट के बीच रहता है. वहीं कटौती 20-20 मेगावाट के करीब रहती है.
शुक्ला रोड में दर्जनों ऐसी गलियां हैं, जिसमें सैकड़ों परिवार निगम के पानी पर आश्रित है, लेकिन सुबह में बिजली गायब रहने से जलापूर्ति बाधित होती है. लोगों का कहना है कि जेई को शिकायत करने पर बिजली तो बन जाती है, लेकिन कुछ देर में फ्यूज उड़ जाता. ऐसे में बिजली कंपनी को लोड के अनुसार यहां अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने की आवश्यकता है. बीते एक सप्ताह से शुक्ला रोड, चतुर्भुज स्थान रोड, मंदिर गली व आसपास के क्षेत्र में शाम से भीषण बिजली संकट की स्थिति है.
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17 जून – 41.8 डिग्री सेल्सियस
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16 जून – 42 डिग्री सेल्सियस
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15 जून – 42.9 डिग्री सेल्सियस
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14 जून – 39.8 डिग्री सेल्सियस
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By Prabhat Khabar News Desk
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