बिहार में 30 जून तक म्यूटेशन के सभी लंबित मामले करें खत्म, मंत्री आलोक मेहता ने अधिकारियों को दिए निर्देश

Updated at : 11 Apr 2023 1:31 AM (IST)
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बिहार में 30 जून तक म्यूटेशन के सभी लंबित मामले करें खत्म, मंत्री आलोक मेहता ने अधिकारियों को दिए निर्देश

दाखिल-खारिज के लंबित मामलों की अंचलवार समीक्षा की गयी जिसमें कई अंचलों में तय समय-सीमा के बाद भी बड़ी संख्या में म्युटेशन के मामले लंबित पाये गये हैं.

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पटना. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री आलोक मेहता ने सोमवार को वासहीन लोगों को भूमि उपलब्ध कराने की समीक्षा सभी जिलों के अपर समाहर्ताओं के साथ की. उन्होंने बताया कि बिहार के 24 हजार वासरहित भूमिहीन लागों को वासभूमि उपलब्ध कराने के लिए सभी अपर समाहर्ताओं को 31 दिसंबर, 2023 तक का समय दिया गया है. साथ ही नये वासविहीन लोगों का पता लगाने के लिए नया सर्वे शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है. यह काम एक मोबाइल एप के जरिए किया जायेगा. इसी माह के आखिर में इस एप का औपचारिक रूप से शुभारंभ होगा और नया सर्वे 30 जून, 2023 तक पूरा कर लिया जायेगा.

विस्थापन से पहले करें पुनर्वास की व्यवस्था

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री आलोक कुमार मेहता पटना के शास्त्रीनगर स्थित सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में अपर समाहर्ताओं की मासिक बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि विस्थापन से पहले पुनर्वास की व्यवस्था करें. विभिन्न कारणों से विस्थापित हो रहे लोगों को कॉलोनी बनाकर कलस्टर में बसाया जाये और वहां बिजली, पानी, सड़क जैसी सामुदायिक सुविधाओं की व्यवस्था सरकार द्वारा ही किया जाये.

सर्वे काफी इंटेसिव होगा

आलोक मेहता ने संभावना जतायी कि पिछले सर्वे के बाद कई संयुक्त परिवार विभाजित हुए होंगे. साथ ही शादी के बाद भी भूमिहीन परिवार का वयस्क सदस्य इस योजना का लाभार्थी माना जायेगा. यह सर्वे काफी इंटेसिव होगा, हल्कावार परिवार का सर्वे किया जायेगा ताकि कोई भी वासभूमि विहीन व्यक्ति इसमें छूटे नहीं.

सरकार चला रही ऑपरेशन बसेरा

सरकार द्वारा ऑपरेशन बसेरा नाम से एक विषेष अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत सरकार द्वारा विभिन्न श्रेणियों के 92 हजार से अधिक लोगों को अब तक पांच-पांच डिसमिल तक की वासभूमि उपलब्ध करायी जा चुकी है. इसमें महादलित, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़ा वर्ग सभी श्रेणियों के लोग शामिल हैं.

दाखिल -खारिज के मामले लंबित पाये गये

मासिक बैठक में दाखिल-खारिज के लंबित मामलों की अंचलवार समीक्षा की गयी जिसमें कई अंचलों में तय समय-सीमा के बाद भी बड़ी संख्या में म्युटेशन के मामले लंबित पाये गये हैं. कई छोटे अंचलों जैसे बेगूसराय के साम्हो, पश्चिम चंपारण के ठकराहा और पिपरासी और बक्सर के चक्की अंचल में प्रतिदिन औसतन एक दाखिल-खारिज के केस दायर किये जाते हैं . यहां भी 35 दिनों की समय सीमा बीतने के बावजूद दाखिल -खारिज के मामले लंबित पाये गये हैं.

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म्यूटेशन के सभी मामले 30 जून तक होंगे पूरे

बैठक में मंत्री ने सभी अपर समाहर्ताओं को निर्देश दिया कि संबंधित अंचलों का दौरा कर देखें कि दाखिल-खारिज के मामले लंबित क्यों हैं? जो अंचल छोटे हैं या जिन अंचलों में आवेदनों की संख्या कम है वहां 30 अप्रैल तक दाखिल खारिज के लंबित मामलों को निष्पादित करने का निर्देष दिया गया जबकि बड़े अंचलों सहित पूरे बिहार में सभी प्रकार के लंबित मामलों को समाप्त करने की अंतिम समय सीमा 30 जून निर्धारित की गयी है. इस मौके पर अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा , सचिव जय सिंह समेत सभी वरीय पदाधिकारी और 38 जिलों के अपर समाहर्ता उपस्थित थे.

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