खेल-कूद प्रतियोगिता के विजेताओं को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 22 Dec 2024 8:32 PM

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पारामाउंट एकेडमी के खेल मैदान में आयोजित सात दिवसीय वार्षिक खेल कूद प्रतियोगिता संपन्न होने पर रविवार को पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया.

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तारापुर. पारामाउंट एकेडमी के खेल मैदान में आयोजित सात दिवसीय वार्षिक खेल कूद प्रतियोगिता संपन्न होने पर रविवार को पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. उसका उद्घाटन संस्थान के संस्थापक सह निदेशक महेश कुमार सिंह, पारामाउंट लोक कल्याण समिति के अध्यक्ष आलोक झा, परिमल किशोर झा, मैनेजर कुमारी अनुराधा, पूर्व निदेशक वेदानंद झा, प्राचार्य उमेश पाठक ने गुब्बारा उड़ा कर किया. अतिथियों ने विभिन्न स्पर्धाओं के विजेता व उप विजेता प्रतिभागियों को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. खेल प्रतियोगिता में हाउस चैंपियन में शिवाजी हाउस का दबदबा रहा. विभिन्न स्पर्धाओं में छात्र वर्ग में ओभर ऑल चैंपियन रहे कक्षा 8 सी के रामकृष्ण धौनी, इसी कक्षा की छात्रा करिश्मा कुमारी को सम्मानित किया गया. जबकि जेबलिनग थ्रो, जिलेबी रेस, चोकलेट रेस, सेक रेस, बॉल थ्रो, बेक रेस, 100 मीटर रेस, स्कीपिंग रेस, निउल थ्रेड रेस, रिले रेस, थ्री लेक रेस, लॉग जंप, स्पून मारवल रेस, केरम, चेस, बेडमिंटन, फुटबांल, कब्बडी सहित अन्य प्रतियोगिता में प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियो को मेडल, मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र देकर उत्सावर्धन किया गया. संस्थापक सह निदेशक ने कहा कि खेल हमें नेतृत्व, जवाबदेही, सम्मान और धैर्य जैसी चीजें सीखने में मदद करता है. जबकि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रोत्साहित करता है. अनुशासन में रहने की सीख देता है. लोक कल्याण समिति के अध्यक्ष ने कहा कि खेल से हमारे जीवन में अच्छे चरित्र और अनुशासन जैसे नैतिक मूल्यों का संचार होता हैं. स्कूल प्रबंधक ने कहा कि खेल बच्चों के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां बच्चे खेल के माध्यम से अपने आस-पास की दुनिया को समझना सीखते हैं. वरिष्ठ सदस्य परिमल झा ने कहा कि छोटे बच्चे स्वाभाविक रूप से खेल के माध्यम से कई कौशल तलाशते और सीखते हैं. खेल सीखने का एक मजेदार और सार्थक तरीका है. यह बच्चों को अपने स्तर और गति से सीखने में सक्षम बनाता है. प्राचार्य उमेश पाठक ने कहा कि खेल के माध्यम से बच्चों में आत्म-नियमन और आवेगों को नियंत्रित करने की क्षमता विकसित होती है. उप प्राचार्य सुरजीत पांडा ने कहा कि खेल से सामाजिक, भावनात्मक, शारीरिक और संज्ञानात्मक जैसे कई पहलुओं में सुधार होता है. कार्यक्रम में कई खेल प्रेमियो एवं अभिभावक में मुख्य रुप से प्रवीण कुमार सिंह, मो. साहिद, मो. जावेद, मो. रफीउज्जामा, मुकेश कुमार, आशा झा सहित दर्जनो लोग मौजूद थे. खेल को सफल बनाने में खेल शिक्षक हिरक विश्वास, मो. अलीम उद्दीन, शिक्षिका रीया कुमारी सहित अन्य का योगदान सराहनीय रहा.

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