अतिक्रमण से सिमट रही रही उब्भी नदी, अस्तित्व खतरे में

Updated:
विज्ञापन
अतिक्रमण से सिमट रही रही उब्भी नदी, अस्तित्व खतरे में

ऋषिकुंड से निकलने वाली उब्भी नदी अब अतिक्रमण के बीच सिमटती नजर आ रही है

विज्ञापन

बरियारपुर.

ऋषिकुंड से निकलने वाली उब्भी नदी अब अतिक्रमण के बीच सिमटती नजर आ रही है. इससे नदी का अस्तित्व खतरे में आ गया है. अगर अतिक्रमण की यही स्थिति रही तो आने वाले समय में यह नदी विलिन हो जाएगा और उसका मिलन गंगा से नहीं हो पायेगा.

ऋषिकुंड से निकलने वाली पानी उब्भी नदी का रूप लेकर रतनपुर एवं बरियारपुर चौर होते हुए बरियारपुर बाजार स्थित बादशाही पुल के रास्ते उत्तरवाहिनी गंगा नदी में मिलती है. लेकिन विडंबना यह है कि पुल के दोनों दिशा में दोनों किनारे को बहुमंजिली इमारतों का पिछला भाग अपनी चपेट में ले लिया है. इतना ही नहीं नदी में फेंके जा रहे कूड़े-कचरे से भी नदी की चौड़ाई सिमट गयी है. यही कारण है कि नदी का जलस्त्रोत जिस अनुरूप होना चाहिए, वह नहीं हो पा रहा है. ऐसे में किसानों को सिंचाई की सुविधा नदी से मिलना बंद हो जाएगा और किसान अपने अनुकूल खेती नहीं कर पायेंगे. यूं तो अबतक प्रशासनिक स्तर पर भी कोई पहल नहीं की गई है. अगर पहल की जाती है तो उब्भी नदी का मिलन गंगा नदी से होगा और किसानों को सिंचाई की भी सुविधा मिलेगी.

विज्ञापन
राणा गौरी शंकर

लेखक के बारे में

By राणा गौरी शंकर

राणा गौरी शंकर प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक आज से की. अभी प्रभात खबर के मुंगेर कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन