एनएसएस के युवाओं ने लिया आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन का प्रशिक्षण

Updated:
विज्ञापन
एनएसएस के युवाओं ने लिया आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन का प्रशिक्षण

मुंगेर विश्वविद्यालय के एनएसएस इकाई की ओर से सात दिवसीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण का आयोजन आरडी एंड डीजे कॉलेज, मुंगेर के ऑडिटोरियम में किया गया.

विज्ञापन

मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय के एनएसएस इकाई की ओर से सात दिवसीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण का आयोजन आरडी एंड डीजे कॉलेज, मुंगेर के ऑडिटोरियम में किया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय ””आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन”” है. विदित हो कि इस प्रशिक्षण का आयोजन दिनांक 16.05.2026 से 22.05.2026 तक राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत किया जा रहा है. जिसमें 200 प्रशिक्षुओं को एसडीआरएफ द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा. प्रशिक्षण के तहत बीआरएम कॉलेज एवं आरडी एंड डीजे कॉलेज में जागरूकता सह प्रभात फेरी निकाली गई. प्रशिक्षण के पहले सत्र में डूबने की घटना के उपरांत प्राथमिक उपचार बीपी मशीन, स्टेथोस्कोप, पल्स ऑक्सीमीटर का प्रयोग करना और फिजिकल एसेसमेंट पर चर्चा हुई. घायलों का मूल्यांकन तथा वेटलिफ्टिंग और मूविंग करने का तकनीक भी बताया गया. एसडीआरएफ टीम ने दुर्घटना में घायल को सुरक्षित विधियों से ले जाने की विधि और स्ट्रेचर बनाने का तरीका भी बताया. दूसरे सत्र में मोटिवेशनल स्पीच के लिए रिसोर्स पर्सन के रूप में मुंगेर विश्वविद्यालय के सीनेटर प्रो डॉ भवेश चंद्र पांडे को आमंत्रित किया गया. उनका विषय था समकालीन समय में युवाओं को संदेश. उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा को तीन बातों का ध्यान देना चाहिए. जीवन का उद्देश्य, डिसिप्लिन एवं डिटरमिनेशन पर फोकस. युवाओं के लिए तीन बातें जीवन की दिशा एवं दशा को तय करता है. बौद्धिक सत्र में सांख्यिकी विभाग में उपनिदेशक आनंद प्रकाश ने वर्तमान समय में भारत के लिए युवाओं के योगदान पर चर्चा की. साथ ही तीसरे सत्र में पीपीटी के माध्यम से ब्लड कंट्रोल की विधि के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी. इसके अलावा टूटी हुई हड्डी का खपच्ची बांधना, सड़क दुर्घटना में बचाव के बारे में विधिवत जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण सत्र का रोचक पूर्ण तब दिख रहा था जब सभी प्रतिभागी एवं स्वयंसेवक सीपीआर के सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक जानकारी हासिल कर रहे थे. प्रशिक्षण के दौरान बेहोश होने या दांती लगने पर प्राथमिक उपचार की विधि के बारे में भी बताया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ट्रेनिंग का संयोजन कार्यक्रम समन्वयक मुनींद्र कुमार सिंह कर रहे हैं. कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएसएस कर्मी सौरभ शांडिल्य, सुशांत, सपनी के अलावा कुणाल, राज, मृत्युंजय, अंशु प्रिया के साथ डॉ संजय मांझी, डॉ अनीश अहमद, कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ राजकिशोर प्रसाद, डॉ प्रमोद यादव ने अहम भूमिका निभाई.

विज्ञापन
राणा गौरी शंकर

लेखक के बारे में

By राणा गौरी शंकर

राणा गौरी शंकर प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक आज से की. अभी प्रभात खबर के मुंगेर कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन