हरी साड़ी, हरी चूड़ियां और सावन के गीत... तारापुर में महिलाओं ने हरियाली तीज पर जमकर मनाया उत्सव

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तारापुर के पुरानी बाजार स्थित केसरी मुहल्ले में आयोजित सावन महोत्सव के दौरान हरियाली तीज मनातीं केसरवानी समाज की महिलाएं. | Prabhat Khabar Network

हरी साड़ियों की चमक, हाथों में हरी चूड़ियां, हथेलियों पर मेहंदी और कानों में गूंजते सावन के गीत... तारापुर का केसरी मोहल्ला हरियाली तीज पर कुछ ऐसा सजा कि महिलाओं के गीत-संगीत और नृत्य से पूरा माहौल उत्सव में बदल गया.

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तारापुर के पुरानी बाजार स्थित केसरी मोहल्ले में सावन का नजारा रविवार को कुछ अलग ही दिखा. केसरवानी समाज की महिलाएं हरी साड़ियों, हरी चूड़ियों और सोलह शृंगार में सजी नजर आईं. किसी के हाथों में मेहंदी की खूबसूरत डिजाइन थी तो कोई सावन के गीतों पर नृत्य कर रही थी. गीत-संगीत और ठहाकों के बीच महिलाओं ने एक-दूसरे को मेहंदी लगायी, तीज की शुभकामनाएं दीं और उपहार देकर आपसी प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया.

हरे रंग में रंगा केसरी मोहल्ला, सावन की मस्ती में झूमीं महिलाएं

सावन महोत्सव को लेकर केसरी मोहल्ले में सुबह से ही उत्सव का माहौल बना हुआ था. कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं महिलाएं विशेष रूप से हरी साड़ियों, हरी चूड़ियों और सोलह शृंगार में सजी थीं. हरे रंग के परिधानों में महिलाओं की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को हरियाली तीज के रंग में रंग दिया.

कार्यक्रम में महिलाओं ने सावन से जुड़े पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति दी. इसके बाद संगीत और मनमोहक नृत्य ने समारोह की रौनक और बढ़ा दी. सावन गीतों की धुन पर महिलाओं के कदम थिरके तो मौजूद लोगों ने भी तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया.

सावन गीतों में दिखी लोक संस्कृति की झलक

सावन महोत्सव में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें स्थानीय लोक संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों की झलक भी देखने को मिली. पारंपरिक परिधानों में महिलाओं की प्रस्तुतियों ने नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का संदेश दिया.

महिलाओं ने एक-दूसरे को मेहंदी लगायी और हरियाली तीज की शुभकामनाएं दीं. इसके साथ ही एक-दूसरे को उपहार देकर पर्व की खुशियां साझा कीं. लंबे समय बाद एक साथ जुटीं महिलाओं ने गीत-संगीत और बातचीत के बीच खूब आनंद लिया.

बोलीं महिलाएं- ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ते हैं

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोल्डन केशरी, बबली केशरी और सोनी केशरी ने कहा कि सावन महोत्सव और हरियाली तीज जैसे आयोजन समाज में आपसी मेलजोल और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करते हैं. ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने का प्रभावी माध्यम भी हैं.

उन्होंने कहा कि व्यस्त जीवनशैली के बीच इस तरह के आयोजन महिलाओं को एक-दूसरे के साथ समय बिताने और अपनी भावनाएं साझा करने का अवसर देते हैं. इससे समाज में प्रेम, अपनापन और सौहार्द का वातावरण मजबूत होता है.

महिलाओं के साथ बच्चों ने भी लिया उत्सव का आनंद

सावन महोत्सव में समाज की महिलाओं के साथ बच्चे भी शामिल हुए. नेहा केशरी, प्रीति केशरी, यशोदा केशरी, पूजा केशरी, श्वेता केशरी, सुनीता केशरी और रूबी केशरी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं.

कार्यक्रम के दौरान सावन गीतों, नृत्य, मेहंदी और उपहारों के बीच महिलाओं ने जमकर उत्सव मनाया. पूरे आयोजन में कहीं सावन की लोक परंपरा नजर आयी तो कहीं महिलाओं के बीच दोस्ती और अपनत्व की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली.


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संजय वर्मा

लेखक के बारे में

By संजय वर्मा

संजय वर्मा प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. तारापुर (भागलपुर) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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